मुहम्मदाबाद गोहना। नगर पंचायत कार्यालय में शनिवार को बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए 12 लाख से अधिक का बजट पास किया गया। बता दे कि बैठक की एक दर्जन सदस्यों को सूचना ही नही दी गई। जहां केवल 6 सदस्यों की मौजूदगी में बजट पास कर दिया गया। बजट पास होने की सूचना के बाद नाराज सदस्यों ने शासन प्रशासन में फैक्स भेजकर शिकायत की है।
मुहम्मदबाद गोहना नगर पंचायत बोर्ड की बैठक चेयरमैन शकील अहमद की अध्यक्षता में शनिवार को हुई। बैठक में वर्ष 2018-19 के लिये 12 करोड़ 17 लाख 19 हजार का अनुमानित आय का बजट सर्वसम्मित से पास किया गया। साथ ही कुल 12 करोड़ 16 लाख 92 हजार रुपये व्यय का भी अनुमोदन किया गया। बजट के दौरान यह भी पास किया गया कि नगर की आय बढ़ाने को लेकर भवन कर में कम से कम 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी किया जाना अनिवार्य है। सदस्यों ने चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पेयजल का संकट है इसको सही करने की आवश्यकता है। स्ट्रीट लाइट लगवाने, प्रकाश की व्यवस्था किये जाने पर विशेष जोर सदस्यों द्वारा दिया गया। नगर की साफ सफाई पर विशेष बल दिया गया।
बैठक के अंत में कुछ कतिपय सदस्यों द्वारा नगर के विकास कार्यों में बाधा डालने के कार्य पर सदस्यों ने रोष प्रकट किया और कहा कि कतिपय सदस्यों द्वारा नगर में हो रहे विकास कार्यों को रोके जाने का जो कार्य किया जा रहा है। वह जनहित में नहीं हैं। इस बैठक में 18 सदस्यों में से मात्र 6 सदस्य संजू देवी, सैफ खां, बानो, बिलकिस अजहरी, रामसिंह पटेल, अजय चौधरी ही मौजूद रहे।
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अखाड़ा बनी नगर पंचायत
मुहम्मदबाद गोहना नगर पंचायत मेें इन दिनों पंचायत सदस्यों और अध्यक्ष के बीच चल रही तनातनी कम होने के बजाए बढ़ती ही जा रही है। हालात यह हो गई कि 18 सदस्यों वाली नगर पंचायत में 12 सदस्य अध्यक्ष पर मनमानी करने और कारवाई रजिस्टर में हेराफेरी का आरोप लगाकर विरोध जता रहे हैं। विरोध के चलते 16 मई को आयोजित बोर्ड बैठक निरस्त कर दी गई थी। लेकिन एक बार पुन: शनिवार को बैठक आयोजित की गई, लेकिन इस बार विरोध में चल रहे पंचायत सदस्यों को सूचना नहीं दी गई और कुछ सदस्यों के बीच प्रस्ताव पारित कर दिया गया। नाराज सदस्य आजम खां, अबुजर मदनी, नंदलाल सोनकर, खालिद कमाल, गीता देवी, वीरेंद्र यादव, रेणु सिंह, शाहिद आदि ने आरोप लगाया कि शनिवार की बैठक की एक दर्जन सदस्यों को कोई सूचना नही दी गई थी। दो तिहाई सदस्यों की गैर मौजूदगी में जो बजट पास किया गया है यह पूरी तरह से गैर कानूनी है और इसका कोई भी महत्व नही है। सदस्यों ने पूरे मामले की शिकायत नगर निकाय निदेशक, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को भेजकर कार्यवाई की मांग किया है। वहीं इस बावत नगर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि लगातार दो बार कोरम के अभाव में बैठक स्थगित होने के बाद तीसरी बार सदन में मौजूद सदस्यों की स्वीकृति पर बजट पास होने का प्रावधान है।