मऊ। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई एक दिवसीय कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने ग्राम विकास योजना के निर्माण में लगे प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।
जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की आबादी वाले 20 गांवों का चयन प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत हुआ है। इन गांवों विकास के लिए भारत सरकार से बीस-बीस लाख रूपये मिलेंगे। इसमें दस बिंदुओं के अलावा केंद्र, प्रदेश सरकार की संचालित योजनाएं प्रथामिकता पर लागू की जाएगी। भारत सरकार ने 2011 की जनगणना के अनुसार पहले राउंड में पचास प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति वाले 20 ग्रामों का चयन किया गया है। अब इन ग्रामों के विकास कार्य करने के लिए ग्राम पंचायत अपनी योजना तैयार कर जिला प्रशासन व शासन के माध्यम से भारत सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद इन कार्य योजनाओं पर मंजूरी मिलने के बाद चयनित ग्राम पंचायतों के पक्ष में बीस-बीस लाख रूपये जारी होगे। इससे चयनित ग्राम में प्राथमिकता पर विकास कार्य होगे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि ग्राम स्तर पर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में संपूर्ण जानकारी दें। जिससे ग्राम पंचायत के हर सदस्य को योजनाअें के बारे में पता लगा सके। इसके साथ ही साथ जिलाधिकारी न यह भी बताया कि आज हर घरों में स्मार्ट फोन मौजूद है जिसमें गुगल एप्स के माध्यम से बहुत सारी योजनाओं सहित अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।इस अवसर पर उप कृषि निदेशक एसपी श्रीवास्तव, एडीओ समाज कल्याण अनिल सिंह, प्रशांत राय सहायक लेखाकार, खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक आदि शामिल रहे।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में चयनित गांवों की सूची
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में जिले के 20 गांव चयनित किए गए हैं। चयनित किए गए गांवों में जिले के अल्दे मऊ, लोहा टिकट, खीरखांड़, हाफिजपुर, पिरुआ, भैसाखरग, बुढावे, चकजाफरी, देवकली विशुनपुर, गालिबपुर, हरपुर, कसबाखास, मानपुर, तिलसवां, समसाबाद, बुढावर, कोठिया, खुखुंदवा तथा पारा मुबारकपुर शामिल हैं।