मऊ। साइबर पुलिस टीम ने ऑनलाइन ठगी के शिकार तीन पीड़ितों को राहत देते हुए शुक्रवार को कुल 2.92 लाख रुपये उनके बैंक खातों में वापस कराए। इनमें सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बहरीपुर निवासी अजीत सिंह से रोज 10 प्रतिशत लाभ और मोटे कमीशन का लालच देकर 19.65 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी।
पुलिस ने इस मामले में दूसरी किश्त के रूप में 2.80 लाख रुपये उनके खाते में वापस कराए हैं। इससे पहले पांच लाख रुपये की राशि भी खाते में लौटाई जा चुकी है। पुलिस के अनुसार साइबर ठगों के झांसे में आकर अजीत ने अलग-अलग माध्यमों से रकम भेज दी। बाद में उन्हें ठगी का पता चला। पीड़ित की ओर से प्रार्थना पत्र मिलने के बाद साइबर पुलिस ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज की और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ठगी की रकम को होल्ड कराया।
थाना कोतवाली नगर की साइबर पुलिस टीम ने दो अन्य पीड़ितों की ठगी गई रकम भी वापस कराई। पुलिस ने आवेदक अभिषेक कुमार के खाते से ठगी गई 10,114 रुपये की रकम और आवेदिका बंदना यादव की 2,339 रुपये की राशि वापस कराकर उनके बैंक खातों में भेजी। पुलिस की कार्रवाई के बाद तीनों पीड़ितों को कुल 2.92 लाख रुपये की राशि वापस मिल सकी। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन निवेश, कमीशन और आसान मुनाफे का लालच देने वाले अनजान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। एसपी कमलेश बहादुर ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में पुलिस टीम तत्काल कार्रवाई कर पीड़ितों की रकम वापस कराने का प्रयास कर रही है।
िसम अपग्रेडेशन के नाम पर मेसेज फॉरवर्ड न करें-एसपी कमलेश बहादुर ने साइबर अपराधों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी। बताया कि लॉटरी, लकी ड्रॉ, कैशबैक, सस्ते लोन, नौकरी, मोबाइल टावर या विवाह से जुड़े विज्ञापनों और कॉल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। यूपीआई आदि पर पैसे प्राप्त करने के लिए पिन की आवश्यकता नहीं होती। पे या एक्सेप्ट पर सोच-समझकर ही क्लिक करें। अनजान लोगों की वीडियो कॉल न उठाएं और न ही पर्सनल चैट करें, वरना स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए ब्लैकमेलिंग हो सकती है। सिम अपग्रेडेशन के नाम पर एसएमएस फॉरवर्ड न करें। नेटवर्क अचानक गायब होने पर तुरंत कस्टमर केयर से संपर्क करें। गूगल पर किसी भी कंपनी/बैंक का कस्टमर केयर नंबर सीधे सर्च करके उस पर कॉल न करें। साइबर ठगी पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या 112 पर कॉल करें।