मऊ। पीएम आवास योजना के तहत पैसा लेने के बाद भी जनपद में 192 लाभार्थियों ने निर्माण नहीं कराया है। विभाग ऐसे लोगों की तलाश करके वसूली कर रहा है। इनमें इनमें से 17 लोगों की मौत हो चुकी है। अब इस तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए अब तीन स्तरीय जांच टीम गठित की गई है। जो पात्र लाभार्थियों का चयन करके रिपोर्ट देगी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक 192 लाभार्थियों ने भुगतान के बाद भी आवास का निर्माण नहीं कराया है। अपात्र पाए जाने पर चार लोगों से 4.80 लाख रुपये, जबकि भुगतान के बाद भी आवास निर्माण नहीं कराने पर 8.80 लाख रुपये की वसूली की गई है।
बार बार नोटिस भेजने और आरसी जारी करने के बाद भी जब इनसे जवाब नहीं मिला तो, जिलास्तरीय टीम इनके घर पहुंची थी। जहां कोई रहने वाला ही नहीं था, न ही इनका कोई वारिस है, जिनसे वसूली की जा सके। 40 लोग ऐसे हैं जो घर छोड़कर भाग गए हैं। विभाग की जांच में पता चला कि 21 लोग ऐसे हैं, जिनके निर्माण शुरू कराते ही वहां पट्टीदारों से विवाद हो गया और जमीन नहीं मिलने से आवास नहीं बना पाए। वहीं 23 लोग ऐसे हैं, जिनके द्वारा निर्माण शुरू कराते ही भाई और पटीदारों ने विवाद दिखाकर कोर्ट से स्टे ले लिया है, जिसके चलते उस जमीन पर मुकदमा चल रहा है। इनके अलावा 87 लोग ऐसे हैं जो निर्माण कराने में लापरवाही कर रहे हैं। इनके खिलाफ नोटिस और आरसी जारी कर काम शुरू कराने को कहा गया है, नहीं कराने पर वसूली की चेतावनी दी गई है। बीते साल ये आंकड़ा 500 था। वहां ब्लॉक और जिलास्तरीय टीमों ने पहुंचकर लाभार्थियों से बातचीत करके निर्माण शुरू करा दिया है।