घोसी चीनी मिल प्रशासन की तरफ से किसानों को गन्ना पर्ची समय से न वितरण न होने के चलते किसानों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। हालत यह है कि पर्ची के इंतजार में किसानों का गन्ना सूख रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं किया जा सका है। मधुबन तहसील के क्षेत्र को घोसी चीनी मिल से संबद्ध किया गया है।
चीनी मिल प्रशासन की तरफ से किसानों को गन्ना पर्ची दिया जाना है, लेकिन विभागीय कर्मचारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दुबारी क्षेत्र के धर्मपुर गांव के खैरा टाड़ी, हरिलाल का पुरवा, जरलहवा, बिंटोलिया, नई बस्तकी, मनमन पुरवा, पब्बर का पुरवा के किसान पर्ची के लिए मिल से लेकर तौल केंद्रों तक चक्कर काट रहे हैं। किसानों की मानें तो समय से पर्ची न मिलने से गन्ना सूख रहा है। तौल केंद्र पहुंचने तक क्वालिटी पर असर पड़ रहा है। इससे रेट कम लगने से लागत भी नहीं निकल पा रही है। इस संबंध में रामअवतार यादव, हरिंद्र चौहान, रामअवध चौहान, जितेंद्र यादव, राजदेव राम, त्रिभुवन चौहान, रामसरीख, रामरुप, रमाशंकर, प्रमोद, रामप्रताप यादव, राजेश, जंगबहादुर, अमरेश का कहना है कि पर्ची न मिलने के चलते खेत में पड़ा गन्ना सूूख रहा है। पर्ची वितरण में व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है। सूखे हुए गन्ना को तौल केंद्र पर ले जाने पर कम रेट लग रहा है। शिकयत के बाद भी मामले को लटका दिया जा रहा है। इस बाबत गन्ना समिति सचिव शांतनु का कहना है कि चीनी मिल से पर्ची चार पांचस दिन के बाद आ रही है।