मऊ। महिला ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक रविवार को पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र बहादुर के निर्देशन में पुलिस लाइन स्थित महिला थाना में हुई। इसमें कुल सात पारिवारिक मामले आए, जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से चार मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें दो दंपती सारे मतभेद भुलाकर साथ रहने को तैयार हो गए। शेष पत्रावलियों में बैठक की अगली तिथि 17 फरवरी तय कर पक्षकारों को नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया।
बैठक में तबस्सुम-नसीम तथा सुफिया-फैजुर्रहमान सारे मतभेद भुलाकर साथ रहने को राजी हुए। वही सरिता और सोनू के मामले में पीड़िता की सहमति से मामला निस्तारित कर दिया गया। आमिना और साजिद के मामले में पक्षकारो के लगातार अनुपस्थित रहने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। इस दौरान निशा और रामचरन के मामले में पक्षकारो ने सुलह के लिए समय मांगा।
मुहम्मद इरशाद और गुलशन आरा तथा रोहिणी और विवेक के मामले में एक- एक पक्ष उपस्थित हुआ। जिसके चलते बैठक की अगली तिथि 17 फरवरी 2019 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान ब्यूरो केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, डा. एमए खान, कंचन मौर्य, चंदा सिंह, पुष्पा गुप्ता का योगदान रहा। बैठक में काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।