जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने दुराचार और गैर इरादतन हत्या के प्रयास सहित तीन मामलों में सात आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और डीजीसी फौजदारी राजेश कुमार सिंह के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया।
पहला मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता को आरोपी मोबाइल और पैसा का लालच देकर 20 अक्तूबर 2018 को भगा ले गया। लखनऊ ले जाकर उसके साथ दुराचार किया। मामले में आरोपी शहर कोतवाली क्षेत्र के ख्वाजां जहांपुर मुहल्ला निवासी अमन उर्फ भोलू पुत्र अशोक मौर्य की ओर से जमानत की अर्जी दी गई। दूसरा मामला भी सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, सिहाव गांव निवासी सुनील कुमार पुत्र श्यामलाल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 12 जून 2018 को पुरानी रंजिश को लेकर आरोपीगण ने लाठी डंडा से मारकर उसके भाई छोटेलाल, सुमन , मां भगवती देवी, कुसुम तथा उमेश को घायल कर दिया। मामले में आरोपी सिंहाव निवासी हरिलाल पुत्र गनपत ,सिकंदर पुत्र स्व. रामलाल प्रदीप पुत्र हरिलाल तथा जनपद गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र के चौथी गांव निवासी गोविंद पुत्र स्व. शिवमुनि उर्फ रामदरश की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। तीसरा मामला थाना रानीपुर क्षेत्र का है। मामले के अनुसार, याकूबपुर गांव निवासी दासी देवी पत्नी राजेंद्र पासी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादिनी का कथन है कि 30 अप्रैल 2012 को जमीन के विवाद की रंजिश को लेकर उसके पट्टीदार लाठी डंडा से मारपीटकर उसकी देवरानी उर्मिला और तारा को गंभीर चोटे पहुंचाया। मामले में आरोपी लक्ष्मण पासी और सुदर्शन पासी पुत्रगण मोती पासी की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई।