मऊ। शासन के सार्वजनिक पोखरों, नदी पर किए गए अतिक्रमण हटाने के आदेश पर प्रशासन गंभीर नहीं है। अधिकांश पोखरे अभी तक अतिक्रमण की जद में हैं। प्रशासन की तरफ से कागज में ही सार्वजनिक पोखरियों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। तमसा नदी जोन, घोसी तहसील का सीता कुंड पोखरा, चेरु वंश का किला, ऐतिहासिक स्थल गढ़वा कोट अभी तक अतिक्रमणमुुक्त नहीं हो सके। सरकारी अभिलेखों में 5846 सार्वजनिक तालाब, झील, बहनाला आदि हैं। सब कुछ जानते हुए आला अधिकारी लापरवाह बने हैं।
नगर के तमसा तट, जिला अस्पताल के सामने सार्वजनिक पोखरा, घोसी तहसील मुख्यालय स्थित सीता कुंड पोखरा, मधुबन, मुहम्मदाबाद गोहना तहसील स्थित ऐतिहासिक स्थल गढ़वा कोट, तमसा नदी, सहित महत्वपूर्ण सार्वजनिक पोखरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। कहने को तो राजस्व विभाग के अभिलेेखों में जिले में 5846 सार्वजनिक तालाब, झील, बहानाला आदि दर्ज हैं। ग्रामीणों की मानें तो अधिकांश अतिक्रमण की जद में हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अभी तक तमसा नदी जोन सहित बड़े अतिक्रमण को हटाया नहीं जा सका है। केवल कुछ ही गांवों में सार्वजनिक पोखरियों से अतिक्रमण हटवाया जा सका है। विभागीय अभिलेखों में श्रावस्ती पैटर्न पर 388 के सापेक्ष 375 मामलों का निस्तारण दिखाया गया है। मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक के भतड़ी चक भतड़ी गांव में ऐतिहासिक स्थल गढ़वा कोट 66 बीघा क्षेत्रफल के सापेक्ष लगभग 15 बीघा तक आ गया है। सार्वजनिक पोखरों से अतिक्रमण हटवाने के लिए गांव बचाओ मोर्चा के पदाधिकारी आंदोलित हैं।
नगरपालिका के पूर्व सभासद छोटेलाल गांधी, गांव बचाओ मोर्चा के वरिष्ठ पदाधिकारी जगरनाथ सिंह कहते हैं कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते सरकारी अभिलेखों में दर्ज सार्वजनिक पोखरों, तमसा नदी जोन में अतिक्रमण नहीं हट रहे।
पिपरीडीह : क्षेत्र के कहिनौर, खरगजेपुर, भार, ओन्हाइच, गोड़ी की मठिया सहित विभिन्न गांवों में दशकों से सार्वजनिक पोखरियों पर मकान बन गया है। कई पोखरियों का अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। एक दो गांवों में ही पोखरियों से अतिक्रमण हटवाया जा सका है।
सार्वजनिक पोखरियों से अतिक्रमण हटाए जाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। नदी, सार्वजनिक पोखरों पर किए गए अतिक्रमण को हटवाने के लिए सभी उपजिलाधिकारी को निर्देश दे दिया गया है।
डीपी पाल, अपर जिलाधिकारी
आधा रह गया है सीताकुंड पोखरा
घोसी। तहसील मुख्यालय से सटे तीन पोखरियां पूरी तरह से अतिक्रमण की जद में है। करोड़ों रूपये की कीमती जमीन गोरखपुर वाराणसी मार्ग के किनारे प्राचीन व धार्मिक सीता कुंड पोखरी जो तहसील के अभिलेख में पांच एकड़ चार सौ कड़ी क्षेत्रफल में है, अतिक्रमण के चलते यह सिमट कर आधी हो गई है। इस के किनारे बने कई सतीस्थान भी अतिक्रमण के चपेट में है।पश्चिमी भाग में लोगों ने अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कर लिया है। सीता कुंड के सामने स्थित दो पोखरियों का भी यही हाल है। ठीक सामने की पोखरी जो कि अभिलेखों में 400 कड़ी में है सिमट कर 100 कड़ीरह गई है। आश्चर्य की बात यह है कि तहसील से सटे होने के बाद भी अतिक्रमणकरियों के विरुद्ध न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही नोटिस दिया गया।
15 सरकारी जमीनों से हटवाया दबंगों का कब्जा
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर नगर पालिका द्वारा चलाया जा रहा है विशेष अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। नगर पालिका प्रशासन द्वारा नगर के बंजर, भीठा, गढ़ही, बाहा, सौरहन, पोखरी, पोखरा, परती, नवीन परती कई जगहों पर पालिका की जमीन पर किए गए कब्जे को हटाने की कार्रवाई की गई। साथ ही सभी सरकारी जमीनों को सुरक्षित करने के लिए नगर पालिका द्वारा बाउंड्री वॉल भी कराया गया, ताकि दुुबारा जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया जा सके।
इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर पालिका अध्यक्ष तैयब पालकी ने बताया कि नगर पालिका की सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण की जानकारी होने पर पालिका द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गुरुवार तक नगर के हकीकतपुरा में 10 बिस्वा, हकीकतपुरा मौर्या बस्ती में 29 कड़ी, भटकुआंपट्टी सिंघाराय में 107 एयर, भटकुआंपट्टी पोखरी सिंघाराय 77 एयर, खालसा उत्तर टोला में 12 बिस्वा, ख्वाजाजहांपुर में 4 बिस्वा, भदेसरा में 296 एयर, अछार में 110 एयर, चकमेंहदी में 285 एयर, खालसा उत्तर टोला में 81 एयर, निजामुद्दीनपुरा में 2 बिस्वा जमीन पर अतिक्रमण हटाया गया। साथ ही सरकारी जमीनों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पालिका द्वारा बाउंड्री करायी गयी है। श्री पालकी ने बताया कि इसी प्रकार के एक प्रकरण में मौजा बरपुर में भीटा खाते में दर्ज 224 एयर पर भू-माफिया अभिराज पुत्र महादेव द्वारा अवैध रूप से राजस्व परिषद इलाहाबाद का फर्जी आदेश बनाकर स्थानीय तहसील कर्मियों की मिली भगत से अपना नाम दर्ज करा लिया गया था। जिसका संज्ञान लेते हुए राजस्व परिषद से जांच करायी गयी जिस में उक्त पारित आदेश फर्जी मिला है। भू-माफिया अभिराज द्वारा फर्जी कागजात के बल पर अवैध कब्जे के कुप्रयास को विफल कर दिया गया है। उक्त फर्जी आदेश एवं धोखाधड़ी के प्रकरण में फर्जी कागजात द्वारा इस प्रकार का आपराधिक कृत्य करने पर अभिराज मौर्या के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने हेतु जिलाधिकारी महोदय को पत्र भी प्रेषित किया गया है। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि पूरे नगर क्षेत्र में हम ऐसी जमीनों की गहन छान बीन कर रहे हैं जो पालिका की सम्पत्ती हैं, पर उन पर गलत तरीके से भू-माफियाओं का कब्जा है। जिससे उन पर अतिक्रमण हटाकर उसे सरंक्षित किया जा सके।