पिपरीडीह। वाराणसी-भटनी रेल मार्ग पर स्थित पिपरीडीह रेलवे स्टेशन से पश्चिम पिपरीडीह गांव के सामने मानवरहित क्रासिंग पर फाटक लगाने की मांग ग्रामीणों ने की है। उनका कहना है कि ऐसे में तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। मालगाड़ी गुजरने की स्थिति में काफी देर तक जाम लग जाता है। उन्होंने रेल मंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्रासिंग से पिपरीडीह गांव,हासपुर, मड़ईया,नई बस्ती सहित दर्जनो गांवों के लोग जान जोखिम में डालकर क्रासिंग को पार करते है। यहां से रोजाना सैकड़ों वाहन, स्कूल वाहन, टैंपो, मोटरसाइकल, ट्रैक्टर सहित विभिन्न वाहन गुजरते हैं। स्कूली वाहन से जाने वाले बच्चे अनहोनी की आंशका से भयभीत रहते हैं। वाराणसी भटनी रेल मार्ग से रोजाना दर्जनों पैसेंजर तथा आधा दर्जन एक्सप्रेस तथा मालगाड़ी ट्रेन गुजरती है। वर्ष 2007 में वनदेवी धाम से वैवाहिक कार्यक्रम से वापस जा रही जीप की पिपरीडीह गांव के मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर लिच्छवी एक्सप्रेस से टक्कर हो गई थी। जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस समय मौके पर आए रेलवे के आला अधिकारियों से ग्रामीणों ने पिपरीडीह गांव के सामने मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर फाटे बनवाने की मांग की थी। रेलवे के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था। क्षेत्र के तेजबहादुर यादव, रामअवध यादव, हीरा प्रसाद, आनंद सिंह ने मानवरहित क्रासिंग पर फाटक लगाने की मांग की है।