मऊ। यातायात माह में पुलिस विभाग की तरफ से जागरूकता अभियान चलाए जाने के बाद भी आम लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। नगर क्षेत्र के कई प्रमुख स्थानों पर जहां ट्रकों, सवारी वाहनों के साथ अन्य प्राइवेट वाहनों के सड़कों पर आड़ा तिरछा खड़ा करने से आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं कई सड़कों की पटरियों पर अतिक्रमण के चलते वाहन से चलना तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। इससे गंतव्य तक जाने में लोगों को घंटों लग जा रहा है। लेकिन न तो यातायात विभाग और न ही प्रशासन की तरफ से जाम समस्या से निजात के लिए ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई जा सकी है।
जिले में दो लाख 38 हजार 393 पंजीकृत वाहन हैं। दो पहिया वाहनों की संख्या एक लाख 79 हजार 589 है। इसी क्रम में तीन पहिया वाहनों की संख्या 6631, चार पहिया वाहनों में एलएमबी और कार मिलाकर 13089 वाहन हैं। इसी क्रम में हैवी वाहनों की संख्या 1649 है। वाहनों की भारी संख्या होने के बाद भी यातायात प्रबंधन के लिए कार्ययोजना बनाने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। हालत यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढुआगोदाम, केंद्रीय भंडारण निगम औद्योगिक क्षेत्र ताजोपुर, फातिमा स्कूल के डाडेपार के पास, गाजीपुर तिराहा के पास ट्रकों के आड़ा तिरछा खड़ा रहने से जाम की स्थिति रह रही है। इससे सड़क दुर्घटना होने की संभावना रहती है। इसी क्रम में नगर के सहादतपुरा, बाल निकेतन, रोडवेज, आजमगढ़ मोड़, फातिमा तिराहा के सड़कों के दोनों ओर पटरियों पर अतिक्रमण रहने के चलते जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। जाम के चलते लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग जा रहा है।
पुलिस विभाग की मानें तो पटरियों से अतिक्रमण हटवाने की जिम्मेदारी नगरपालिका की है। इस संबंध में मुंशीपुरा के विकास मौर्य, प्यारेेपुरा के इश्तेयाक अहमद का कहना है कि नेशनल हाइवे पर ट्रकों तथा सवारी वाहनों के खड़े रहने से जाम की स्थिति रहती है। इससे काफी समय बरबाद होता है। इसी तरह मुमताज खान, मुहम्मद अख्तर का कहना है कि पटरियों पर अतिक्रमण तथा शाम के समय रोडवेज बस सड़क पर खड़ी रहने से जाम की स्थिति रहती है। संबंधित विभाग से शिकायत के बाद भी समस्या से निजात नहीं मिली है। सरसेना संवाददाता के अनुसार
नगर पंचायत चिरैयाकोट में चौक से लेकर खरीहानी तिराहा, रोडवेज बस स्टाप तक पटरियों पर अतिक्रमण तथा सवारी वाहनों के आड़ा तिरछा खड़े रहने से जाम की स्थिति रहती है। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग जा रहा है। इस संबंध में क्षेत्र के सुरेंद्र यादव, रामजन्म राम, अशोक गुप्ता, संजय गुप्ता, रमेश मद्धेशिया, आलोक कुमार सिंह, पारस नाथ, मुसाफिर गुप्ता का कहना है कि जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बाद भी जाम समस्या से निजात नहीं मिल सकी है।
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जाम के झाम से निजात को जिले में नहीं बनी प्लानिंग
मऊ। जिला मुख्यालय से लेकर जिले के अन्य छोटी मोटी बाजारों में आए दिन, जाम की समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन अब तक इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्ययोजना तैयार नहीं की गई है। यातायात प्रभारी एमपी सिंह ने कहा कि पटरियों पर हुए अतिक्रमण को रोकने की जिम्मेदारी नगर क्षेत्र की है। सड़कों पर वाहनों के खड़ा मिलने पर कार्रवाई की जाती है।