पहसा। पात्र गृहस्थी सूची में दूसरे गांवों के लोगों का नाम शामिल कर खाद्यान्न की कालाबाजारी की जा रही है। फर्जी गृहस्थी का नाम शामिल करके खाद्यान्न का कोटा बढ़ा दिया जाता है और उन फर्जी नाम वाले लोगों के लिए आवंटित अनाज को बाजार में ऊंचे दाम पर बेंच दिया जाता है। सदर तहसील के रतनपुरा ब्लाक के कई गांवों में फर्जी नाम शामिल किए गए हैं।ऐसा कृत्य करके प्रति महीनों के लाखों के वारे न्यारे किए जा रहे हैं।
पात्र गृहस्थी सूची में अनियमिताओं की शिकायत शुरु से ही होती आ रही है। जितनी बार इस सूची का सत्यापन होता है उतनी अनियितताएं बढ़ती जाती हैं। सूची आनलाइन होने के बाद भी क्रमांक संख्या वहीं रहती है लेकिन लाभार्थी का नाम बदल जाता है। यह सिलसिला दो सालों से चला आ रहा है।गल्ला माफिया पूर्ति विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत से पात्र गृहस्थी सूची में फर्जी लोगोंके नाम शामिल करा देते हैं। रतनपुरा ब्लाक के बिलौवा गांव निवासी राम प्यारे गौतम द्वारा मुख्यमंत्री को प्रेषित शिकायती पत्र में लिखा गया है कि जिलाधिकारी के जांच के निर्देश से घबराकर पात्र गृहस्थी सूची के छठवें कालम से गांव का नाम ही हटा दिया गया है और पुरानी सूची नेट से गायब कर दी गई है। उदाहरण के तौर पर मुबारकपुर ग्राम पंचायत की पुरानी सूची में पात्र गृहस्थी क्रमांक 42 से 88 तक नगवा गांव के 45 लोगों के नाम फर्जी तरीके से अंकित कर दिए गए हैं। जो नाम नई सूची में हैं उनके गांव ही गायब हैं। इसी प्रकार इसहाकपुर गांव में क्रमांक 201 से 272 तक 73 लोगों के नाम धर्मागत पुर गांव के रहने वालों के हैं जो फर्जी है। अतरौल पांडेय गांव में पात्र गृहस्थी सूची के क्रमांक 11 से 17 , 30 से 55 ,64 से 66 और 437 से 510 तक कुल 184 लोगों के नाम अरदौना, अइलख , बिलौंझा, खालिसपुर और गड़वा गांव के रहने वालों के हैं। इस प्रकार महज तीन गांवों के ही 223 फर्जी नाम अंकित कर दिए गए हैं। सदर तहसील में सस्ते गल्ले की लगभग 400 दूकानें हैं। आरोप है कि सूची में शामिल कराए गमए नामों को आवंटित अनाज रोककर निकासी दी जाती है और अकेले सदर तहसील में लगभग 20 लाख के अनाज की कालाबाजारी की जाती है। इसकी शिकायत जब जितेंद्र राजभर , राम प्यारे गौतम , मुन्ना यादव महेंद्र यादव ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी से करते हुए धरने का नोटिस दिया तो उन पर धरना न करने का दबाव बनाया गया। इसके साथ गांव के नाम का कालम समाप्त करके नई सूची बना दी गई जो अत्यंत गंभीर है। शिकायती पत्र में मुंख्यमंत्री से मांग की गई है कि प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। इस बाबत जिला पूर्ति अधिकारी एसके शुक्ल का कहना है कि पात्र सूची में जो भी अनियमितता पाई गई उसे निस्तारित कर दिया गया है।