रविवार को सुग्गी चौरी अस्पताल पर एएनएम खुशबू यादव के द्वारा मरीज को देख कर दवा वितरण करती हुई।
मऊ। जिले की 42 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 1895 लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर उपचार किया गया। इनमें 890 पुरुष, 809 महिलाएं और 196 बच्चे रहे।
जांच के बाद 38 मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं, कई स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक और फार्मासिस्ट निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सके। इससे स्वास्थ्य मेले की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
स्वास्थ्य मेले में चिरैयाकोट पीएचसी पर सबसे अधिक 195 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि सिपाह इब्राहिमाबाद पीएचसी पर सबसे कम 22 मरीज पहुंचे। एसीएमओ डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि मेले में मरीजों की रक्त जांच के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उपचार किया। किशोर और किशोरियों को स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया गया। संवाद
दुबारी। मधुबन के सुग्गी चौरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। यहां दोपहर 12 बजे तक तैनात चिकित्सक के स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंचने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इलाज और जांच की उम्मीद में पीएचसी पहुंचे मरीजों को चिकित्सक की गैरमौजूदगी में एएनएम खुशबू यादव के सहारे रहना पड़ा। उन्होंने मरीजों की जांच कर दवाएं वितरित कीं। वहीं, फार्मासिस्ट तपस्वी यादव भी काफी देर बाद स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। मेले में पहुंचे मुनिया, सोनू यादव, सवरू और मनोज ने आरोप लगाया कि चिकित्सक की गैरहाजिरी और अन्य कर्मचारियों की लापरवाही लंबे समय से चली आ रही है। इसकी शिकायत अधिकारियों से कई बार की गई, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। संवाद
कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित चिकित्सक और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। - डॉ. पंकज, सीएमओ