अमिला। पोषण अभियान के अंतर्गत कुपोषण की रोकथाम के लिए एक दिवसीय ब्लाकस्तरीय ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को अमिला कस्बा स्थित रामलगन गर्ल्स डिग्री कालेज में आयोजित किया गया। इसमें कुपोषण से बचाव पर विचार विमर्श किया गया । मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी घोसी सीएल सोनकर ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी घोसी सीएल सोनकर ने कहा कि सभी सुपरवाइजर एक-एक गांव को गोद लेकर नन्हे-मुन्ने बच्चों का भविष्य संवारने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने को कमतर न आंकें। वह राष्ट्र व समाज की धुरी हैं। वह अपने कला-कौशल को विकसित करते हुए अपने साथ-साथ बच्चों को निखारने का कार्य करें। केंद्रों पर आने वाले सभी बच्चों को अपना बच्चा समझ कर व्यवहार तथा देखभाल करें। कुपोषण को दूर करने में सकारात्मकता का परिचय देते हुए कार्य करें। जिससे मूल रूप से कुपोषण को दूर किया जा सके। उन्होंने पुष्टाहार से बने व्यंजनों का अवलोकन किया।
बचपन दिवस का केक काटा और व्यंजनों का स्वाद भी चखा व तारीफ की। सीडीपीओ दिनेश सिंह राजपूत ने विक्कमपुर को गोद लेते हुए सभी सुपरवाइजर से भी गोद लेने का आह्वान किया। उन्होंने गोद लिए गावों को माडल गांव बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर सीडीपीओ दिनेश सिंह राजपूत, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अशोक कुमार, एडीओ समाज कल्याण, मिलन कुमार चौरसिया, प्रेमलता गुप्ता, राम अशीष यादव, अनिल यादव, नीलीमा श्रीवास्तव, मालती पांडेय, चंद्रमति, कुच्चन, सिंधु यादव, ओमप्रकाश,नीलम सिंह आदि उपस्थित रहे।