जिले में स्वास्थ्य सेवा संविदा कर्मचारियों के भरोसे संचालित है। ऐसे मेें इन्हें दो माह से मानदेय भी नहीं मिला है। जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही।
जिले में मौजूद जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय, नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ, 38 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 580 संविदा कर्मचारी तैनात किए गए है। इसमें 80 डाक्टर और 500 कर्मचारी है, जो टेक्निशियन से लेकर अन्य महत्पूर्ण पदों पर हैं। बीते दो माह से इन्हें मानदेय नहीं दिया गया है। यह कई बार अधिकारियों से शिकायत भी दर्ज करा चुके है। लेकिन इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इसी से परेशान जिला अस्पताल में तैनात एक संविदा डाक्टर ने अपना इस्तीफा सीएमओ और सीएमएस को भेजा चुका है। एनआरएचएम के जिला प्रोग्राम मैनेजर (डीपीएम) रविंद्र नाथ ने स्वीकारा की संविदा कर्मचारियों का दो माह को मानदेय नहीं दिया गया हे। जबकि संपर्क करने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि इन समय से वेतन का भुगतान तो हो रहा है। डाक्टर के द्वारा दिए गए त्याग पत्र के बारे में उन्होंने अनभिज्ञता जताई। बताते चले इसी तरह की उहापोह की दशा में जिला महिला अस्पताल में बने पिडियाट्रकि एनएसआईयू में तैनात तीन डाक्टरों ने त्याग पत्र दे दिया। छह माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी यह वार्ड एक डाक्टर कंचन लता के भरोसे संचालित है।