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मंडल मुख्यालय से आई तीन सदस्यीय टीम ने की जांच पड़ताल

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मऊ। जिले में बीटीसी कालेजों के मान्यता की जांच के लिए बुधवार को देर शाम तक तीन सदस्यीय जांच कमेटी पहुंची। क मेटी ने कालेजों की जांच की। जांच में तमाम खामियां मिली। कमरे मानक के अनुरूप नहीं मिले। जांच शुरू होने कालेज प्रबंधकों में हड़कंप की स्थिति रही।
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जिले में लगभग 89 निजी बीटीसी कालेज संचालित हैं। विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से कई निजी बीटीसी कालेजों को मान्यता देने में अनियमितता बरती गई है। एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने निजी बीटीसी कालेजों की मान्यता देने के मामले में जांच कराने का निर्देश दिया था। शासन द्वारा भेजी गई आजमगढ़ मंडल में सभी 17 निजी बीटीसी कालेज मऊ जनपद से हैं। जिसमें रामशिला गर्ल्स डिग्री कालेज ताजोपुर, मां विंध्यवासिनी शिक्षण सेवा ट्रस्ट, वीवीएस महिला महाविद्यालय अलीपुर, पीएसएस महाविद्यालय लाड़नपुर, समता महाविद्यालय बड़ागांव मुहम्मदाबाद गोहना, एचएएस गर्ल्स डिग्री कालेज जहांगीराबाद, लक्ष्मी नारायण महाविद्यालय कुशमौर, इंद्रप्रकाश शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान रतनपुरा, मां शकुंतला महाविद्यालय अमरहट मुहम्मदाबादगोहना, राजीव गांधी गर्ल्स पीजी कालेज परदहां, अमरजीत सिंह स्मारक शिक्षण संस्थान कोपागंज, चंद्रदेव स्मारक महिला महाविद्यालय खानपुर, दीप निकेतन महाविद्यालय भांटीकला, रामलखन महाविद्यालय जामडीह घोसी, रहमानिया डिग्री कालेज मर्यादपुर,शिवमोहन महाविद्यालय मधुबन, श्रीकृष्ण महिला महाविद्यालय इब्राहिमाबाद सहित 17 निजी बीटीसी कालेज सहित 17 बीटीसी कालेजों की जांच करने के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, उप शिक्षा निदेशक तथा जिला विद्यालय निरीक्षक सहित तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने बुधवार को बीटीसी कालेजों की जांच पड़ताल की। जांच में कई कालेजों में मानक के अनुरुप कमरे नहीं मिले। किसी में लाइब्रेरी में किताबें काफी कम मिली। किसी में लैब मानक के अनुरुप नहीं मिले। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. वीपी सिंह का कहना था कि बीटीसी कालेजों में मानक के अनुरुप कमरा न होना, लाइब्रेरी में कम किताबें, मानक के अनुरुप लैब न होना सहित तमाम कमियां पाई गई। जांच प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही पूरी कर ली जाएगी।
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