मऊ। शहर कोतवाली क्षेत्र से शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किए गए चार लोगों को जेल भेजने के लिए नगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय में बनाए गए वारंट को फाड़ने के मामले में कोर्ट नाजिर की तहरीर पर एक अधिवक्ता सहित पांच लोगों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसके अलावा 10 -12 लोगों अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले के विवेचना की जिम्मेदारी एसआई श्यामजी यादव को सौंपी गई है।
शहर कोतवाली की पुलिस ने सोमवार को शांतिभंग की आशंका में चार लोगों को गिरफ्तार कर नगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय में पेश किया। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट ने सभी को जेल भेजने का आदेश देते हुए उनका वारंट बनाने का आदेश दिया। कोर्ट नाजिर सिपाही अरविंद कुमार मिश्रा ने सभी का वारंट बनाकर उस पर नगर मजिस्ट्रेट का हस्ताक्षर बनवाया। आरोप है कि इस दौरान सिपाही से अधिवक्ता ने वारंट छीनकर फाड़ दिया। वारंट फाड़ देने की घटना को गंभीरता से लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट ने सिपाही से वारंट फाड़ने वालों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया। इसके बाद सिपाही अरविंद कुमार मिश्रा की तहरीर पर शहर कोतवाली अधिवक्ता हरेंद्र सिंह सहित पांच लोगों नामजद और 10-12 अज्ञात लोगों के विरुद्ध सरकारी कार्य में अवरोध सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इस संबंध में नगर मजिस्ट्रेट जी प्रसाद ने बताया कि उनके न्यायालय से वारंट जारी हुआ था। अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। वारंट फाड़ना गंभीर मामला है। सिपाही की तहरीर पर रिपोर्ट हुई है। मामले की विवेचना हो रही है। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।