फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य केंद्रों पर सुपोषण मेला लगाकर दूर किया जाएगा कुपोषण

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। बाल पुष्टाहार विभाग, पंचायतीराज, ग्राम विकास, पूर्ति विभाग, बेसिक शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रुप से चलाए जागरूकता कार्यक्रम के चलते लोगों में जागरूक और जो पोषण पुनर्वास केंद्र चार दिन खाली था, मंगलवार की दोपहर तक कुपोषित बच्चों से भर गया। कुपोषण को दूर करने के लिए सिंतबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। पूरे माह में सभी विभाग अपने अपने स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर कुपोषण दूर करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। साथ ही कुपोषण से जंग लड़ने के साथ किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
विज्ञापन

जिले में बाल पुष्टाहार विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 14360 और कुपोषित बच्चों की संख्या 47085 है। यह आंकड़े कागजों में दर्ज हैं, इसके अलावा कुपोषित बच्चों की संख्या ओर हो सकती है। उधर, जिले को कुपोषण मुक्त करने के लिए शासन के निर्देश पर एक से 30 सिंतबर तक राष्ट्रीय पोषण दिवस माह के रूप में मनाया जा रहा है। अभियान के तहत बाल पुष्टाहार विभाग, पंचायतीराज, ग्राम विकास, पूर्ति विभाग, बेसिक शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रुप से कुपोषण दूर करने के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत बाल पुष्टाहार विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोद भराई, अन्नप्रासन जैसे कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा स्कूली छात्रों को शौच के बाद साबुन से हाथ धोने के साथ उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में पंचायतीराज द्वारा ग्रामीणों को शौचालय बनवाने के साथ गांव में साफ सफाई और पूर्ति विभाग द्वारा चिह्नित कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा सभी विभागों के संयुक्त तत्वावधान में इस माह में हर बुधवार को सुपोषण मेला का आयोजन एएनएम केंद्र पर किया जाएगा। उधर, अभियान के तहत विभागों के जागरूकता कार्यक्रमों के चलते सदर अस्पताल में कुपोषित बच्चों के लिए बना 10 बेड का पोषण पुनर्वास केंद्र कुपोषित बच्चों से फुल हो गया है। जबकि 30 अगस्त तक इसमें केवल छह बच्चे भर्ती थे। इस बाबत जिला कार्यक्रम अधिकारी केएम पांडेय का कहना है कि कुपोषण से निजात दिलाने के लिए शासन ने अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से कुपोषण दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
संख्या बढ़ेगी तो कम पड़ सकती हैं जगह
मऊ। राष्ट्रीय पोषण दिवस माह के तहत हर बुधवार को आयोजित होने वाले सुपोषण मेला में कुपोषित बच्चों की जांच कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा। लेकिन वर्तमान में 10 बेड वाले केंद्र पहले से भर चुका है, ऐसे में ओर कुपोषित बच्चों के भर्ती होने पर उनके उपचार में दिक्कत आ सकती है। इस संबंध में बात करने पर केंद्र के प्रभारी डॉ. एमपी सिंह का कहना हैं इसमें कुछ बच्चे जिनका उपचार लगभग पूरा हो चुका हैं, विषम परिस्थितियों में उन्हें डिचार्ज कर दूसरे बच्चों को भर्ती किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें