मऊ। दशकों से शहर में गर्मी शुरू होते ही नगरवासियों के लिए पेयजल समस्या गंभीर बनी रहती है। बावजूद इसके, पालिका प्रशासन द्वारा स्थायी समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं किए, जिससे नागरिकों को गर्मी में पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। वार्डों में पेयजल समस्या गंभीर समस्या बनी हुई है। भीषण गर्मी के चलते इस बार नगर पालिका क्षेत्र में जलस्तर 20 फीट तक गिरने से लगे नलकूपों से 800 लीटर के बजाए केवल 500 लीटर की आपूर्ति हो रही है। नगर पालिका द्वारा जलस्तर गिरने और पेयजल संकट से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। आठ ओवरहेड के सापेक्ष केवल चार ओवरहेड से सप्लाई की जा रही है। इससे नगर के लोगों को मानक के अनुसार प्रति व्यक्ति 135 लीटर के सापेक्ष 60 लीटर ही पानी मिल रहा है। नगर पालिका क्षेत्र के 42 वार्डों की आबादी साढ़े तीन लाख है। नगर पालिका द्वारा नगर में पेयजल आपूर्ति करने के लिए आठ ओवरहेड टैंक बनाए गए है लेकिन वर्तमान मुुंशीपुरा और मुसरदह मोड़ सहित चार ओवरहेड में 35 बड़े नलकूप और 61 छोटे नलकूपों नगरवासियों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जबकि मातापोखरा, शाहीकटरा, भुजौटी और पहाड़पुरा स्थित ओवरहेड जर्जर होने से बंद पड़े हैं। उधर, पिछले दो माह में गर्मी के चलते 20 फीट तक जलस्तर गिरा है। इससे नगर में लगे नलकूप से 800 लीटर के सापेक्ष केवल 500 लीटर ही पानी निकल रहा है, जबकि नगर में लगे 1299 हैंडपंप में 200 से ज्यादा सूखे पड़े हैं। इसके अलावा, जिन ओवरहेड से सप्लाई की जा रही हैं। उसमें लीकेज के चलते 20 प्रतिशत पानी की बर्बादी हो रही है। इसके चलते नगर के निजामुदीनपुरा, हरिकेशपुरा, डोमनपुरा, दक्षिण टोला, काजीटोला, पठान टोला, मठिया टोला, परदहा सहित कई जगहों पर पेयजल संकट के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल संकट को लेकर कई मोहल्लों में रहवासियों द्वारा प्रदर्शन भी किया जा चुका है। बावजूद आवश्यकता अनुरूप आपूर्ति नहीं की जा रही है। इसके चलते प्रति व्यक्ति 135 के सापेक्ष केवल 60 से 70 लीटर पानी ही मिल पा रहा है। इस बाबत जलकर प्रभारी पीएन शर्मा का कहना है कि जलस्तर गिरने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। हालांकि जिन जगहों पर आपूर्ति प्रभावित हैं वहां टैंकर से सप्लाई की जा रही है। जर्जर ओवरहेड टैंक के मरम्मत कार्य का प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है।
दो हजार की आबादी केवल 4 हैंडपंप के भरोसे
मऊ। वार्ड चार ताजोपुर में नगर पालिका द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाया गया है। वहीं, वार्ड में लगाए गए 12 हैंडपंप में चार हैंडपंप जलस्तर गिरने से सूख चुके है, जबकि दो से प्रदूषित पानी निकलता है। इसके चलते छह हैंडपंप के भरोसे ही दो हजार की आबादी है। इसी तरह से नगर के बकवल में पाइप लाइन न बिछे होने के चलते पेयजल संकट है। नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में पाइन लाइन नहीं बिछी हैं। वहां, पालिका द्वारा 8 बड़े और 4 छोटे टैंकर से रोजाना पेयजल आपूर्ति की जाती है। ताजोपुर निवासी शेषनाथ राजभर और देवनाथ का कहना है कि पाइन लाइन न होने और खराब हैंडपंप के चलते शेष हैंडपंप से पानी भरने को लेकर आए दिन विवाद होता रहता है।