कथा की सार्थकता जब ही सिद्ध होती है, जब मनुष्य उसे अपने कार्य व्यवहार में लागू करें। निरंतर हरि स्मरण कर जीवन को आनंद और मंगलमय बनाएं। अन्यथा यह कथा केवल ‘मनोरंजन’ कानों के रस तक ही सीमित रह जाएगी। भागवत कथा श्रवण से मन से संशय दूर होते हैं, मनुष्य में आत्म विश्वास बढ़ता है। यह बातें मंगलवार की रात हिंदू युवा वाहिनी और श्री नागेश्वर नाथ धर्माथ सेवा संस्थान के तत्वावधान में लैरो दोनवार गांव के स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रूद्राभिषेक के दौरान अयोध्या से आए आचार्य मणिराम दास ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि विश्व कल्याण के लिए आयोजित नौ दिवसीय सामूहिक रुद्राभिषेक कार्यक्रम सुबह के साथ शाम को आयोजित किया जाता है। आचार्य मणिराम दास ने कहा की श्रीमदभागवत कथा श्रवण से मनुष्य के सारे पाप कट जाते हैं, सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण से जाग्रित हो जाता है। कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है। इस दौरान कथा वाचक ने भगवान की विभिन्न कथाओं का सार बताया। इसके श्रवण से परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई और कलियुग में आज भी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिलते हैं। कार्यक्रम में अजय सिंह, डॉ मिथिलेश ,दिग्विजय राय उत्सव राय, अवधेश सैनी, बबलू यादव, मनोज कुमार और राजहंस कन्नौजिया आदि लोग उपस्थित रहें।