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159 सचिवों को गावों से हटाकर दी गई नई तैनाती

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मऊ। जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के सभी 684 ग्राम पंचायतों में तैनात 159 ग्राम विकास अधिकारियों व ग्राम पंचायत अधिकारियों को दूसरे ग्राम पंचायतों में तैनाती कर दी गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी घनश्याम सागर ने जनपद के सभी 9 ब्लॉक के कुल 159 सचिवों के ग्राम पंचायतों में किए गए बदलाव को वर्ष 2013 में जारी शासन की गाइड लाइन के देर से ही सही अनुपालन के रूप में देखा जा रहा है। जनपद में तैनात कई सचिवों के पास किसी गांव का चार्ज नहीं था जबकि कई सेक्रेटरियों के पास कई कई गांवों के चार्ज थे। इसे लेकर सेक्रेटरियों में असंतोष था।
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जनपद के कुल 9 विकास खंडों में कुल 684 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों को संपन्न कराने के लिए कुल 159 ग्राम सचिवों की तैनाती है। इस क्रम में मोहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक में कुल 18 सचिव बडरॉव ब्लॉक में 19 रानीपुर ब्लॉक में 21 सचिव कोपागंज में 18 घोसी में 17 परदहां ब्लॉक में 14, फतेहपुर में 18 सचिव दोहरीघाट ब्लॉक में 18 और रतनपुरा में कुल 16 सचिवों की तैनाती है। इनमें कई सचिवों के पास कोई गांव नही था अथवा एक या दो गांव थे जबकि मठाधीश सेक्रेटरियों के पास सात सात गांव दिए गए थे। सभी सेक्रेटरियों को समान गांव नहीं दिए गए थे।
सेक्रेटरियों का कहना था कि शासन की साल 2013 की गाइड लाइन के अनुसार सचिवों का समायोजन नहीं किया गया है। अमर उजाला ने इस खबर को 11 जुलाई को सचिवों को शासनादेश के अनुरूप नहीं दिए गए गांव शीर्षक से 11 जुलाई को प्रमुखता के साथ प्रकाशित हुई थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी ने सचिवों की तैनाती शासन की गाइड लाइन के अनुरूप करने का निर्देश डीपीआरओ घनश्याम सागर को दिया। डीएम के आदेश और शासन की गाइड लाइन के अनुरूप सचिवों को नये गांवों में तैनाती दी गई है। इन सचिवों को 28 जुलाई तक नईतैनाती वाले गॉवों में कार्यभार ग्रहण करना है। इस फरबदल से मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक में कई ग्राम प्रधान भी परेशान दिख रहे है जो सालों से अपने मनपसंद सचिवों के साथ गठजोड़ कर खासा आर्थिक साम्राज्य खड़ा कर चुके हैं।
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बीडीओ से मांगे गए थे सुझाव:
जनपद के सभी 684 ग्राम पंचायतों में नए ग्राम सचिवों की तैनाती के पहले जिला पंचायत राज अधिकारी ने विकासखंड अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा था। हालांकि इसमें भी खेल किया गया। खंड विकास अधिकारियों ने मनपसंद सचिवों को मनपसंद गांव का प्रस्ताव बनाकर भेजा। लेकिन जिलाधिकारी ने इन्हें दरकिनार कर अपने स्तर से ग्राम सचिवों को नए ग्राम पंचायतों में तैनाती का आदेश जारी कर दिया। जिलाधिकारी के इस फरमान से जोड़ जुगत लगा कर खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से मनपसंद गांवों में तैनाती कराने वाले सचिवों को मायूस होना पड़ा है।
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