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चैन नहीं लेने दे रही तपिश

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अप्रैल से शुरू हुआ भीषण गर्मी का दौर 15 जून बीतने के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में लोग तपिश और गर्मी से बेहाल हो जा रहे। जबकि बीमारी से रोजाना बड़ी संख्या में मरीज सरकारी तथा निजी अस्पतालों में पहुंच रहे है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री तथा न्यूनतम 31 सेल्सियस रहा। यहीं इस भीषण गर्मी में किसानों को धान की नर्सरी बचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं बिजली न होने से कई क्षेत्रों में पेयजलसंकट से भी लोग जूझ रहे है।
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मानसून सत्र ऐसे 15 जून से शुरू हो जाता है, इस दौरान बारिश शुरू होने से तापमान में गिरावट होने से लोगों को मई जून में पड़ने वाली गर्मी से राहत मिलती है। लेकिन वर्तमान में मानसूत्र सत्र शुरू होने के चार दिन बाद भी जिले में लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। दिन का अधिकतम तापमान अभी भी 45 डिग्री के पार है। ऐसे में दूर-दूर तक लोगों को बारिश की संभावना नजर नहीं आ रही है। तेज धूप तथा तापमान में बढ़ोत्तरी के चलते बारिश के आसार नहीं दिखाई दे रहे है। जिला के लोग अब आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे है कि कब बारिश आए और उन्हें गर्मी से राहत मिले। गर्मी के प्रकोप से राहत पाने के लिए लोगों को पानी साथ लेकर चलना पड़ रहा है। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं मिलती। वे गन्ने का रस, नीबू की शिकंजी, लस्सी, मौसमी का जूस, मिल्क शेक, बेल का शर्बत, कोल्ड ड्रिंक्स पी रहे हैं। इसके बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही। कुछ लोग गर्मी से राहत पाने के लिए पुराना नुस्खा आजमा रहे हैं।
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