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गाय घाट से हटा नदी के प्रवाह का अवरोध

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गामऊ। अमर उजाला के पहल पर जिला प्रशासन द्वारा शुरु किए गए निर्मल तमसा अभियान के चौथे दिन भी 57 सेक्टरों में तमसा को स्वच्छ करने का काम जारी रहा। तमसा के प्रवाह को गति देने के लिए अवरोधों को हटाने के लिए प्रशासन की तरफ से मुहैया कराई गई पोकलैन और जेसीबी का प्रयास चौथे दिन रंग लाया। इस दौरान ढेकुलिया और गायघाट के सामने मौजूद प्रवाह के अवरोध हटाए जा सकें।
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मऊ जिले से 56 किमी की दूरी तय करके तमसा गुजरी है, लोगों की उदासीनता और उपेक्षा के चलते जीवनदायनी पौराणिक नदी तमसा का वर्तमान स्वरूप काफी बिगड़ गया था। वर्ष 2016 में अमर उजाला द्वारा पौराणिक धरोहर की दुर्दशा को जब दिखाया गया तो तत्कालीन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने इसे संज्ञान में लेकर तमसा को निर्मल बनाने का संकल्प लिया। वैभव श्रीवास्तव ने जन सहयोग से तमसा को निर्मल बनाने का प्रयास किया। काफी हद तक प्रशासन को सफलता भी मिली। लेकिन तमसा को सदैव निर्मल बनाए रखने के लिए डीएम ने शासन को प्रोजेक्ट बनाकर प्रस्ताव भेजा था। ताकि इसे नमामि गंगे परियोजना में शामिल कर उसकी निर्मलता को स्थायित्व दिया जा सके । इस प्रोजेक्ट को एनजीटी को सौंपा गया। एनजीटी की टीम ने बीते दिनों दौरा कर जीवनदायनी तमसा के वर्तमान स्वरूप को जाना।
इस दौरान तमसा की हालत में सुधार करने के लिए जिला प्रशासन को गाइड लाइन जारी किया। इसके तहत डीएम ज्ञान प्रकश त्रिपाठी ने तमसा के वास्तविक स्वरूप को दिलाने का संकल्प लिया। इसके तहत डीएम ने तमसा केे 57 सेक्टरों में बांटकर नौ जून से निर्मल तमसा अभियान शुरुआत किया। हर सेक्टर पर एक अधिकारी को बतौर सेक्टर प्रभारी के रुप में लगया गया। 56 किमी के दायरे में 57 सेक्टरों में शुरु हुई तमसा की सफाई का शुभारंभ आजमगढ़ जिले की सीमा पर मौजूद मोहीउद्दीनपुर गांव से की गई। इस अभियान में जिले के सभी ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मचारियों के साथ, नगर पालिका और नगर पंचायत के सफाई कर्मचरियों को लगाया गया। साथ ही सामाजिक और अन्य तरह के संगठनों का भी डीएम आह्वान किया। सरकारी मैन पावर के साथ जन सहयोग से शुरू हुए इस अभियान के तीसरे दिन अवरोधों को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने पीडब्लूडी और एनएचआई के सहयोग से पोकलैन और जेसीबी को लगाया। जन समूह के साथ मशीनरी पावर के प्रयोग से चौथे दिन तमसा के प्रवाह में आड़े़ आने वाले अवरोध हटाए जा सकें। तमसा के दुर्दशा में सबसे ज्यादा कारक बना उसके प्रवाह, आमतौर पर लोग दैनिक क्रिया से लेकर अन्य सारे धार्मिक कार्य नदी के तट पर ही संपन्न करते है, लेकिन नदी में पानी कम होने पर प्रवाह अवरुद्ध होने के चलते गिरने वाली गंदगी प्रदूषण पैदा करने का काम करने लगी। ऐसे में फैजाबाद से बलिया के बीच कल कारखानों के केमिकल से लेकर अन्य तरह की गंदगी गिरने और प्रवाह अवरुद्ध होने से तमसा और भी प्रदूषित हुई। इस समस्या के समाधान के लिए डीएम ने निर्णय लिया कि वो छोटी सरयू की धारा से तमसा को जोड़ेंगे। इस कार्य के लिए छोटी सरयू पर एक रेग्यूलेटर स्थापित करना होगा। ताकि जरूरत के हिसाब से तमसा में छोटी सरयू का पानी समय समय पर छोड़ा जा सके। इस कार्य में खर्च होने वाले बजट के लिए कवायद डीएम ने शुरू किया। चौथे दिन चले निर्मल तमसा अभियान में सरकारी कर्मचारियों के साथ सामाजिक संगठनों में भाजपा नेता सुजीत सिंह मय सहयोगियों के साथ बजरंग दल के कार्यकर्ता लल्लन यादव, राजकुमार मौर्य, श्री गंगा तमसा सेवा समिति के सदस्य ज्ञानेंद्र मिश्र, श्रीकांत, नंदलाल साहनी सहित अन्य संगठन के लोग सैकड़ों की संख्या में सफाई अभियान में जुटी रही।
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