मऊ। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धान के नर्सरी की तैयारी जोरों पर चल रही है। लेकिन अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर खाद का अभाव है। यही नहीं कई केंद्रों पर गेहूं की खरीद चल रही है। ऐसे में समितियों के सचिव किसानों को बैरंग लौटा दे रहे हैं। समितियों खाद न मिलने से किसान निजी दुकानदारों से ऊंचे दामों पर खाद खरीद रहे हैं। दूसरी ओर विभागीय अधिकारी गोदामों में पर्याप्त स्टाक होना बताकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
जिले में 10 पीसीएफ, 10 डीसीएफ तथा 92 साधन सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद का वितरण किया जाता है। इसके अलावा लगभग तीन सौ निजी दुकानों को खाद बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किया गया है। धान की नर्सरी का समय चल रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मई माह के अंतिम सप्ताह से समय शुरू हो जाता है। इसमें 50 दिन का समय लगता है। सामान्य विधि से धान की नर्सरी डालने के लिए 15 जून तक डाल देना चाहिए। किसान खेतों की तैयारी करने में जुटे हुए हैं। जरूरत के समय अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर खाद नदारद है।