बंद होंगे तीन कोचिंग संस्थान
सीएफओ ने की जांच, नहीं मिला फायर सेफ्टी
12 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी की गई छापेमारी
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। सूरत में एक कोचिंग संस्थान में आगलगी की घटना में 21 छात्रों के असमय मौत के बाद फायर सेफ्टी को लेकर सोमवार को जिला प्रशासन ने चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 12 से ज्यादा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों सहित कई कोचिंग संस्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान सीएफओ ने तीन कोचिंग प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी न होने पर कोचिंग को बंद करने का प्रस्ताव बनाकर प्रशासन को भेजा गया। वहीं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी अग्निशमन की व्यवस्था न होने पर उन्हें नोटिस भेजा जाएगा।
सोमवार की दोपहर 11 बजे सीएफओ सुभाष कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम सबसे पहले सहादतपुरा स्थित अली बिल्डिंग पहुंची, जहां टीम ने पूरे बिल्डिंग में सघन जांच की। इस दौरान 400 से ज्यादा दुकानों में फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं मिली। इसके बाद टीम ने महेशा कांप्लेक्स, जानकी कांप्लेक्स सहित 12 व्यवासियक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर चेकिंग की। इस दौरान किसी भी प्रतिष्ठान पर फायर सेफ्टी का उपकरण की व्यवस्था मानक के अनुसार नहीं मिली। इसके बाद टीम ने कैरियर कोचिंग, सनराइज कोचिंग और सनराइज कम्प्यूटर कोचिंग संस्थान पर चेकिंग की। टीम को कोचिंग में आगलगी की घटना से बचाव के लिए कोई फायर सेफ्टी नहीं मिली। जिस पर सीएफओ ने कोचिंग बंद करने के लिए प्रस्ताव बनाकर डीएम को भेज दिया। जिला प्रशासन की औचक चेकिंग अभियान से व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों और कोचिंग संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए कई कोचिंग संस्थानों ने तो अपने प्रतिष्ठान बंद कर भाग खड़े हुए।
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पार्किग की जगह पर दुकान संचालित होती मिली
मऊ। चेकिंग अभियान के दौरान सीएफओ को व्यावसायिक प्रतिष्ठान में मास्टर प्लान में पार्किग के लिए बनाए अंडरग्रांउड जगह पर दुकानें संचालित होती मिली। यही नहीं, सीएफओ के निरीक्षण में इस जगह पर फायर सेफ्टी तो दूर आगलगी की घटना में बच निकलने के लिए केवल एक ही रास्ता पाया गया।
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कोचिंग पहुंचे छात्र गेट बंद देख बैरंग लौटे
मऊ। सूरत में कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद चेते प्रशासन की कार्रवाई से नगर के व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा कोचिंग संचालकों में काफी हड़कंप की स्थिति बनी रही। इस दौरान सहादतपुरा, रोडवेज, मुंशीपुरा, भीटी, गाजीपुर तिराहा, पुरानी तहसील सहित अन्य जगहों पर संचालित दर्जनों कोचिंग संचालक कोचिंग प्रशासन की कार्रवाई से बचने के कोचिंग बंद कर दिया। उधर बिना किसी सूचना के कोचिंग बंद होने पर कोचिंग पढ़ने के गए छात्र बैरंग लौटते दिखे।
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पहले भी दी गई थी नोटिस
इसके पूर्व भी सीएफओ ने इन्हीं व्यावसायिक संस्थानों और कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी करके आग से बचाव के लिए सुरक्षा उपायों को अपनाने का सुझाव दिया था। लेकिन विभाग की चेतावनी को भी इनके मालिकों ने हल्के में लिया।