गर्मी शुरू होते ही नगर के साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत की अघोषित कटौती शुरू हो गई है। जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग द्वारा नगर में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे विद्युत सप्लाई दिए जाने की घोषणा हवा-हवाई साबित हो रही है। इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आठ घंटे ही मिल पा रही है। वहीं नगर में यह 15 से 18 घंटे तक सिमट कर रह गई है।
बीते माह अप्रैल में तो बिजली सप्लाई ठीक ठाक रही, लेकिन जैसे ही मई माह में भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हुआ। वैसे ही बिजली का संकट शुरू हो गया जो आज भी जारी है। बिजली विभाग के अनुसार शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति करना है, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते ओवरलोडिंग के चलते आए दिन जहां ट्रांसफार्मर फुंकने से दो से तीन दिन बिजली गुल होने से लोग परेशान हो रहे है। वहीं विभाग द्वारा दिन में कई बार में 6 से 4 घंटे की कटौती की जा रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली के सापेक्ष बमुश्किल 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल रही है। ग्रामीणों क्षेत्रों में अघोषित कटौती को कोई भी शेडयूल निर्धारित नहीं है। कभी रात के साढे़ दस बजे तो कभी रात के एक बजे बिजली आती है और सुबह के समय चली जाती है। कभी दिन के एक बजे बिजली आती है तो कभी पूरे दिन बिजली गुल रहती है। विद्युत का शेडयूल निर्धारित न होने के कारण लोगों को कुछ ज्यादा ही संकट का सामना करना पड़ता है। रात में विद्युत की अघोषित कटौती से लोग पूरी नींद सो नहीं पाते हैं और बिजली की आस में करवटें बदल कर पूरी रात काट देते हैं। इस बाबत अधीक्षण अभियंता एसके सरोज का कहना है कि कंट्रोल रूम से जितनी बिजली मिल रही है, उतनी दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे और शहर में 24 घंटे बिजली देने का शेडयूल निर्धारित है।