कोपागंज नगर पंचायत को भी नगर पालिका का दर्जा दिया जा सकता है। नगर पंचायत तथा जिला प्रशासन द्वारा नगर पंचायत की सीमा विस्तार संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। जहां मंत्रीमंडल की स्वीकृति के बाद पालिका बनने की उम्मीद जताई जा रही है। सीमा विस्तार होने से छह गांवों के 20 हजार लोगों को नागरिक सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिलने लगेगा।
नगर पंचायत कोपागंज का गठन 1858 को हुआ था, तब इसका क्षेत्रफल करीब दस वर्ग किलोमीटर और आबादी बेहद कम थी। नगर पंचायत गठित होने के बाद से लेकर अब तक कोपागंज क्षेत्र की जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि हुई है और इस अवधि में यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ब्लाक मुख्यालय, तीन राष्ट्रीयकृत बैंक और शिक्षा भवन के दर्जनों सरकारी कार्यालयों के अलावा राज्य और केंद्र सरकार के कई दफ्तर, शिक्षण संस्थान आदि स्थापित हो चुके हैं। वर्तमान में नगर पंचायत के 17 वार्डो में 35 हजार से ज्यादा आबादी है।
बीते अप्रैल माह में नगर पंचायत ने शहरी विकास निदेशालय के सचिव की मांग पर सीमा विस्तार संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव के तहत ग्रामसभा हिकमा गाढ़ा, काछी गांव के कुछ भाग के पुराना कोपाकोहना, भदसा सहित छह गांवों को नगर पंचायत की सीमा में शामिल कराने की मांग की गई। शासन द्वारा प्रस्ताव स्वीकृत करने के बाद वार्डो की संख्या 24 तक पहुंच सकती हैं। इसके साथ ही नगर पंचायत के रकबे में करीब पांच किमी वर्ग का इजाफा भी हो सकता है। वहीं दूसरी ओर उक्त ग्रामसभाओं की लगभग 20 हजार से अधिक की आबादी नगर पंचायत की सीमा में आ जाएगी। इससे इन गांवों के लोगों को नगर पंचायत में रहने वाले वार्डवासियों की भांति पेयजल, स्वच्छता से लेकर हर तरह की नागरिक सुविधा मुहैया हो सकेगी।
कोट
सीमा विस्तार के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलने के बाद चिहिन्त गांवों को नगर पंचायत में शामिल करने की कवायद शुरू कर दी जाएगी।
जयप्रकाश यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका मऊ