लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक दल के नेताओं ने आत्ममंथन करना शुरू कर दिया है। पार्टी पदाधिकारियों द्वारा विधानसभा और बूथवार समीक्षा की जा रही है। कहां कितना वोट मिला होगा और किस जाति के लोग वोट देने निकले इसकी बूथवार रिपोर्ट बनाने में पदाधिकारी जुट गए हैं।
लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी बनाई पूर्व चुनावी रणनीति की विधानसभावार समीक्षा करना शुरू कर दी है। गठबंधन के नेता तथा कार्यकर्ता भी बूथवार आकलन कर कर रहे हैं। वह प्रत्याशी को मिली जीत गठबंधन मैनेजमेंट की मूल वजह बता रहे हैं। चुनाव में जीत से लवरेज रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता तथा पदाधिकारी पार्टी को मिली हार से आश्चर्यचकित हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गविजय राय का कहना है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी हारी नहीं है। पार्टी को वर्ष 2014 के मुकाबले ज्यादा वोट मिला है। इस बार विकासवाद पर जातिवाद हावी हो गया। कार्यकर्ता पार्टी नीतियों तथा केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाकर जनता का विश्वास जीतकर रहेंगे। उधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवनीश सिंह का कहना था कि कुछ न कुछ कमियों के चलते ही पार्टी को हार मिली है। जनादेश का सम्मान करता हूं। पार्टी जनता की बुनियादी समस्याओं को लेकर संघर्ष करती रही है। कार्यकर्ता पूरी ताकत से जनता की लड़ाई लड़कर आगामी लोकसभा चुनाव जीतने का प्रयास करेंगे। फिलहाल हार के कारणों के लिए बूथवार रिपोर्ट बनाई जा रही है।