दोहरीघाट ब्लाक अंतर्गत कोरौली में बुधवार को समाज सुधारक राजा राममोहन राय की पुण्यतिथि पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने उन्हें सामाजिक बुराइयों को दूर करने में अहम भूमिका निभाने वाला बताया।
आयोजित गोष्ठी में मुख्य वक्ता अशोक चौहान ने कहा कि राजा राम मोहन राय महान समाज सुधारक व राजनीतिक विचारक के साथ ही देशभक्त हिंदू एकता व प्रख्यात शिक्षा शास्त्री थे। उन्होंने अंधविश्वा ,बाल विवाह, विधवा विवाह , सती प्रथा सहित कई कुरीतियों के विरुद्ध अभियान छेड़ा। अध्यक्षता करते हुए मोती चौहान ने कहा कि राजा साहब अंतरजातीय विवाह के प्रबल पक्षधर थे। रामअधीन पाण्डेय ने कहा कि उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियां दूर करने का बीड़ा उठाया। राहुल दुबे ने राजाराम मोहन राय के जीवन दर्शन पर बोलते हुए राष्ट्रीय चरित्र निर्माण नैतिक उत्थान में सार्वजनिक पुस्तकालयों की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि वक्ता अवधेश राय ने कहा कि किताबें ऐसी मशाल हैं जो मानव को सही रास्ता दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकों को केवल पढना ही पर्याप्त नहीं है, अपितु उनका व्यवहारिक जीवन में प्रयोग भी आवश्यक है। इस दौरान रमेश मिश्रा, ऋषिराज मिश्रा, सचिन मिश्रा, ओमकार चतुर्वेदी, अंबिका मिश्रा, अनमोल मिश्रा और संजय सहित आदि रहे।