नगर के डीएवी इंटर कालेज में हिंदी विषय की परीक्षा देतीं हाईस्कूल की छात्राएं।
यूपी बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर प्रशासन की ओर से तमाम व्यवस्था के बाद भी जिले के दर्जनभर से अधिक परीक्षा केंद्रों पर जमकर नकल हुई। कई परीक्षा केंद्रों पर पूरी तरह से नकल माफिया हावी नजर आए। पहली पाली में हाईस्कूल हिंदी तथा द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट हिंदी प्रथम प्रश्नपत्र रहा। प्रशासन की ओर से तमाम चेकिंग के बाद भी ज्यादातर परीक्षा केंद्रों पर बोलकर नकल कराया गया। पहली पाली में हाईस्कूल में 58742 के सापेक्ष 48916 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुुए। इंटरमीडिएट में 44156 पंजीकृत थे, जिसमें 5452 ने आज परीक्षा छोड़ दी।
बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से जिले में 236 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहली पाली में हाईस्कूल में 58742 के सापेक्ष 48916 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुुए, 9826 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह इंटरमीडिएट में 5452 परीक्षार्थियाें ने परीक्षा छोड़ दी। प्रत्येक दो से तीन परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर तथा जोनल मजिस्ट्रेटों की निगरानी के बाद भी धुंवाधार नकल हुई। लेकिन एक भी नकलची नहीं पकड़ा जा सका। यही नहीं वित्तविहीन परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी में परीक्षा कराने के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद व्यवस्थित तरीके से नकल हुई। दर्जनों परीक्षा केंद्रों पर बोलकर प्रश्न हल कराया गया। इसके बावजूद सब कुछ ओके रहा। वित्तविहीन विद्यालयों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में शिक्षकों का जलवा दिखा। परीक्षा कक्ष में बारी-बारी से परीक्षार्थियों को खड़ा कर सामूहिक रूप से सुविधा शुल्क अदायगी करने का फरमान सुनाया गया। परीक्षार्थियों की जेबें टटोलकर जबरदस्ती सुविधा शुल्क वसूल लिए गए। कई केंद्रों पर सचल दस्ते की टीम नहीं पहुंचने का लाभ नकलमाफियाओं ने खूब उठाया।
नकल पर अंकुश के लिए चार सचल दस्ता का गठन किया गया है, लेकिन सब कुछ ठीकठाक मिला। बोझी बाजार संवाददाता के अनुसार बड़रांव ब्लाक क्षेत्र के एक दर्जन परीक्षा केंद्रों पर नकल माफिया द्वारा परीक्षा नियमों को ताक पर रख दिया गया है। परीक्षा कक्षों में छात्र छात्राओं को बोलकर नकल कराया जा रहा है। सेक्टर मजिस्ट्रेटों सहित अन्य अधिकारियों के दौरे के बावजूद धुआंधार नकल हुई।