मऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की कार्यकारिणी की बैठक मंगलवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में हुई। इसमें 14 फरवरी को आयोजित होने वाले धरने को सफल बनाने की रणनीति तय की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री अविनाश सिसोदिया ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली सहित 18 सूूत्री मांग के प्रति सरकार का उपेक्षापूर्ण रवैया रहा है। 14 फरवरी को प्रदेश के सभी जनपदों में राज्य कर्मचारियों द्वारा जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना किया जाएगा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। मांगों पर विचार न होने की स्थिति में 21 तथा 22 फरवरी को सभी कार्यालयों में पूर्ण हड़ताल होगी। प्रत्येक जनपद के किसी कार्यालय को चिह्नित कर जनपद के समस्त कर्मचारी एकत्र होकर सभा के माध्यम से विरोध प्रदर्शन करेंगे। उक्त हड़ताल में समस्त आवश्यक सेवाएं सम्मिलित रहेंगी।
संगठन के अध्यक्ष पीएन सिंह ने कहा कि शासन प्रशासन के उपेक्षात्मक रवैए का खामियाजा राज्य कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। पुरानी पेंशन बहाली सहित 18 सूूूत्री मांग पत्र पर संगठन के माध्यम से वार्ता से की गई, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी नहीं हुआ। मामले को लटकाया गया है। अब आंदोलन तेज किया जाएगा। बैठक को अजय कुमार, अशोक चौबे, लाल प्रताप सिंह, अनिल कुमार सिंह, विवेक तिवारी, राजीव कुमार आदि ने संबोधित किया।