मऊ। सदर अस्पताल में गैर संचारी बीमारियों के इलाज के लिए अलग से बने एनसीडी क्लीनिक (नान कम्यूनिकेबल डिजीज) खोला गया है, लेकिन जगह के अभाव में फिजियोथेरेपी सहित अन्य जांच की मशीनें डिब्बे में बंद पड़ी है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद चेते विभागीय अधिकारियों ने क्लीनिक को बड़े कक्ष में संचालित करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत शनिवार को नोडल अधिकारी ने जिला अस्पताल पहुंचकर कई जगहों को देखा, कयास लगाई जा रही है कि इसी माह में एनसीडी को दूसरे स्थान स्थानांतरित कर संचालन किया जाएगा।
बताते चले कि नवंबर 2016 में गैर संचारी बीमारियों की जांच के लिए एनसीडी क्लीनिक जिला अस्पताल के एक बड़े हॉल में खोली गई थी, जहां बाद में अस्पताल प्रबंधक द्वारा क्लीनिक को एक छोटे से कक्ष में स्थानांतरित कर दिया गया था। जहां पिछले कई माह से एनडीसी जिला अस्पताल के एक छोटे से कक्ष में संचालित हो रही है।
जगह के अभाव में कई माह से फिजियो के लिए आई मशीनें लंबर ट्रैक्शन, सर्वाइकल ट्रैक्शन, शाट वे डायफर्मी के अलावा लैब के लिए रखी ईसीजी मशीन, इलेक्ट्रानिक आईवी, बायो कैमेस्ट्री एनेलाइजर, सेल काउंटर सहित कई मशीनें डिब्बा में पैक होकर रह गई हैं। इस समस्या के संबंध में 14 दिसंबर 2018 को अमर उजाला द्वारा डिब्बा बंद मशीनों से आखिर जांच हो तो कैसे शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसके बाद चेते विभागीय अधिकारियों द्वारा शनिवार को एनसीडी क्लीनिक को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए जगह देखने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस बाबत नोडल अधिकारी, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीके राय ने बताया कि एनसीडी क्लीनिक अभी जिस कक्ष में संचालित हो रही है, वहां जगह का अभाव बना है। इसके लिए दूसरे कक्ष की तलाश जिला अस्पताल परिसर में की जा रही है।
इन रोगों के मरीजों को मिलेगा लाभ
मऊ। एनसीडी क्लीनिक में डायबटीज, रक्तचाप, मानसिक बीमारी, किडनी रोग, आर्थराइटिस जैसी बीमारियों की जांच कर इलाज किया जाता है। एनसीडी क्लीनिक में सामान्य ओपीडी की तरह ही मरीजों का जांच किया जाता है।