मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला जज जयश्री आहूूजा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर मेगा लोक अदालत का शुभारंभ किया।
जिला जज ने कहा कि लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के मुकदमों का निस्तारण पक्षकारों के सुलह समझौता अथवा जुर्म स्वीकृति के आधार पर किया जाएगा। कहा कि लोक अदालतों में मुकदमों का निस्तारण होने से अनावश्यक मुकदमों से मुक्ति मिल जाएगी। कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मुकदमे अंतिम रुप से निस्तारित माने जाते है। इसके विरुद्व किसी प्रकार की अपील योजित करने की संभावना नहीं होती है। उन्होनें लोगों से अपील किया कि वह अपना मुकदमा लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित करा ले। ताकि व्यर्थ की भाग दौड़ से बचा जा सके। इस मौके पर प्राधिकरण के सचिव शिवकुमार, एडीजेगण वीरनायक सिंह, आराधना रानी, लालचंद गुप्ता, फूलचंद पटेल, मुहम्मद गजाली, सुरेश कुमार गुप्ता, सीजेएम लोकेश नागर, हेमंत कुमार कुशवाहा, शुभम वर्मा, विनोद शर्मा, बलवंत भारती, सत्यवीर सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
राष्ट्रीय मेेगा लोक अदालत में 1789 वाद निस्तारित
मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को दीवानी कचहरी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला जज जयश्री आहूजा की अध्यक्षता में किया गया। इसमें विभिन्न प्रकृति के 1830 वाद का निस्तारण करते हुए तीन लाख 47 हजार 720 रुपये अर्थदंड जमा कराया गया। वहीं, वाहन दुर्घटना के 30 मामलों में 95 लाख रुपये क्षतिपूर्ति दिलाई गई। वहीं, एक करोड़ रुपये से अधिक का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी हुआ। इस दौरान राजस्व के 313, बैैैैकों के 556, बीएसएनएल के 40 वादों का निस्तारण प्रीलेटिगेशन के माध्यम से हुआ।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय लालचंद गुप्ता ने 72 पारिवारिक मामलों का निस्तारण करते हुए 74 लाख रुपये भरण पोषण दिलाया। एडीजे कोर्ट नंबर तीन आराधना रानी ने वाहन दुर्घटना के चार मामलों का निस्तारण करते हुए 14 लाख 85 हजार रुपये क्षतिपूर्ति दिलाया। एडीजे कोर्ट नंबर चार फूलचंद पटेल ने 14 मामलों का निस्तारण किया। वहीं विद्युत अधिनियम के छह मामलों में 17 हजार 800 रूपया अर्थदंड जमा कराया। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक मोहम्मद गजाली ने कुल चार मामलों का निस्तारण किया। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो सुरेश गुप्ता ने 32 मामलों का निस्तारण किया। जिसमें वाहन दुर्घटना के चार मामलों में 16 लाख रूपया क्षतिपूर्ति दिलाया।
सीजेएम ने लोक अदालत में 504 वादो का किया निस्तारण
मऊ। शनिवार को दीवानी कचहरी में लगी लोक अदालत में सीजेएम लोकेश नागर ने सबसे अधिक 504 वादों का निस्तारण करते हुए दो लाख 72 हजार 550 रुपये अर्थदंड जमा कराया। सिविल जज सीनियर डिवीजन हेमंत कुशवाहा ने 83 वादों का निस्तारण किया। जिसमें उत्तराधिकार के 11 मामलों में एक करोड सात लाख दो हजार 88 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। सीजेएम जूनियर डिवीजन मुहम्मदाबादगोहना सत्यवीर सिंह ने 10 वादों का निस्तारण किया। मुंसिफ सदर विनोद शर्मा ने 138 वादों का निस्तारण किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने 230 वादों का निस्तारण करते हुए 28 हजार 450 रुपये अर्थदंड जमा कराया। एसजेएम ने तीन वादों का निस्तारण किया। इस दौरान एसबीआई के 23, इलाहाबाद बैंक के 19, पंजाब नेशनल बैंक के 13,यूनियन बैंक के 19, बैक आफ बडौदा के छह , काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक के 220, सेंट्रल बैंक पांच तथा बीएसएनएल के 40 वादों का निस्तारण प्री लेटिगेशन के माध्यम से किया गया। इस मौके पर बार के अध्यक्ष विरेंद्र बहादुर पाल, महामंत्री संजय त्रिपाठी, हरिद्ववार राय आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।