मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधी्श कोर्ट नंबर चार फूलचंद पटेल ने नसीरपुर गांव में रमजान माह में मस्जिद में मांस फेंकने और विरोध करने पर गोली मारकर मुहम्मद यूनूस की हुई हत्या के मामले में आरोपी परदहां ब्लाक के पूर्व प्रमुख रमेश सिंह काका सहित तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, नसीरपुर गांव निवासी अब्दुल जब्बार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन था कि रमजान में 22 जून 2017 की रात्रि में 11 बजे वादी और मुहम्मद यूनुस मस्जिद में थे। उसी समय दो लोग मुंह बांधकर मोटर साइकिल से मस्जिद के गेट के पास आए और प्रतिबंधित मांस मस्जिद के अंदर फेक दिया। विरोध करने पर तमंचे से गोली मार दी। गोली मुहम्मद यूनूस को लगी। इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना कैथवली गांव निवासी पूर्व प्रमुख रमेश सिंह काका, कहिनौर गांव निवासी अभय कुमार सिंह उर्फ दरोगा सिंह तथा आजमगढ़ जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र के बबुरा गांव निवासी चंदन सिंह के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने कुल आठ गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण रमेश सिंह काका, अभय कुमार सिंह उर्फ दरोगा सिंह तथा चंदन सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।