मऊ। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से जिले के प्रत्येक ब्लॉकों में चयनित अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में काउंसिलिंग हुई। इसमें चयनित 87 के सापेक्ष महज 37 शिक्षकों ने ही विकल्प पत्र भरकर जमा किया। हालांकि इसमें कई शिक्षकों को मनचाहा विद्यालय न मिलने पर उन्होंने अपना नाम वापस लिया।
शासन की ओर से नई व्यवस्था के तहत जिले के प्रत्येक ब्लॉक में सात-सात परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होनी है। शिक्षकों के चयन के लिए परीक्षा कराई गई थी। परीक्षा में 87 शिक्षक चयनित हुए। शिक्षकों की तैनाती के लिए मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में काउंसिलिंग कराई गई। काउंसिलिंग में मात्र 37 शिक्षकों ने ही विकल्प पत्र भरा। कई शिक्षक अपनी पसंद का विद्यालय न पाने पर नाम वापस लेते देखे गए। परीक्षा मेें पास होने के बावजूद शिक्षक दूर जाने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। शिक्षकों का कहना था कि पहले ब्लॉक क्षेत्र की बाध्यता नहीं थी। अब तैनाती वाले ब्लाक क्षेत्र में ही विकल्प चुनने की बात कही जा रही है। शिक्षकों का यह भी कहना था कि अंग्रेजी माध्यम वाले विद्यालयों में कोई विशेष सुविधा तक नहीं है। शासन की मंशा तभी सफल होगी जब शिक्षकों की सुविधा का ध्यान रखा जाएगा। प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. वीपी सिंह का कहना है कि शासन की मंशा के अनुसार अंग्रेजी माध्यम के चयनित समस्त स्कूलों का संचालन करना है। ब्लाक क्षेत्र की बाध्यता नहीं है। शिक्षकों की सुविधा का ध्यान रखा जाएगा। मनमानी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।