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औपचारिकता साबित हो रहा समाधान दिवस

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मऊ। जनता की समस्याओं के निस्तारण को लेकर प्रत्येक थानों पर प्रथम एवं तृतीय शनिवार को लगने वाला समाधान दिवस धीरे-धीरे सिर्फ औपचारिकता दिवस बनता जा रहा है। समस्याएं तो हर थाने पर आती हैं लेकिन उनमें मामूली समस्याओं का ही निस्तारण हो पाता है। राजस्व के अधिकांश मामलों को लेकर अभी भी फरियादी आए दिन भटकते रहते हैं।
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जिले में प्रथम एवं तृतीय शनिवार को शासन के निर्देश पर सभी थानों पर समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है। इसमें प्रतिमाह 100 से लेकर 150 मामले आते हैं। मार्च माह में कुल 125 मामले आए वहीं अप्रैल में 114 मामले आए। वहीं मई में 154 कुल मामले आए। इनमें पुलिस के मार्च माह में आए 75 मामले आए जिनका निस्तारण हो चुका है जब कि शेष राजस्व के मामलों में महज 25 का ही निस्तारण शेष मामले किंही ना किंही कारणों से पेंडिग रहे। अप्रैल माह में कुल 114 मामले आए। इनमें 86 मामले पुलिस से संबंधित आए। जिनमें अधिकांश का निस्तारण हो गया लेकिन शेष राजस्व के मामले में महज 36 का ही निस्तारण हो पाया। इसी प्रकार मई माह में कुल 154 मामलों में 57 मामले पुलिस के आए जिनमें अधिकांश का निस्तारण हो गया जब कि राजस्व के कुछ मामले ही निस्तारित हो पाए। इस प्रकार तीनों माह में देखा जाए तो राजस्व के 100 से अधिक मामले लंबित हैं जिनका निस्तारण नहीं हो पाया। दोहरीघाट के नई बाजार निवासी फूलचंद चौहान का राजस्व का मामला है। उसकी बैनामे की जमीन पर उसे उसका हिस्सा नहीं मिल पा रहा है। इसे लेकर वह कई बार समाधान दिवस पर गया लेकिन इसका निस्तारण अभी भी नहीं हो पाया। यह मामला तहसील में ही अभी बंटवारे आदि विभागीय लेटलतीफी मेंही उलझा हुआ है जब कि अगर राजस्व की टीम चाहती तो मौके पर ही जाकर कागजात के हिसाब से सभी को उनके हिस्से की जमीन दिला सकती है। फूलचंद चौहान का कहना है कि वह कभी समाधान दिवस तो कभी तहसील दिवस पर घूमता रहता है। मुहम्मदाबाद गोहना के मीरपुर गांव निवासी विनोद कुमार का कहना है कि गांव के ही कुछ लोग दबंगई करते हैं। वह बीटेक का छात्र है। घर आने पर उसे गांव के ही कुछ मनबढ़ पुरानी रंजिश को लेकर मारने को दौड़ाते हैं। गत दिनों उस पर जानलेवा हमला किया गया और पंच से मारकर सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई गई। समाधान दिवस से लेकर थाने पर उसने गुहार लगाई। लेकिन पुलिस गांव में झांकने तक नहीं गई। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव का कहना है कि हर माह के प्रथम एवं तीसरे शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन सभी थानों पर किया जाता है। यहां राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीमें रहती हैं। जो भी मामले आते हैं उनके निस्तारण का प्रयास किया जाता है। न्यायिक मामले आदि ही लंबित रहते हैं। अ
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