नवरात्र के पांचवें दिन बुधवार को श्रद्धालुओं ने स्कंदमाता को मत्था टेक कर मन्नतें मांगी। दर्शन पूजन के लिए मंदिरों में भक्त उमड़ पड़े। माता के जयकारों मंदिर गूंजते रहे। वहीं, ग्रामीण अंचलों के कई मंदिरों पर सुविधाओं का अभाव रहने से श्रद्घालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्घेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें देवी मां की झलक पाने के लिए श्रद्घालु बेताब दिखे। मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप पंचम स्कंदमाता के दरबार में भक्तों ने शीश नवाकर पूजन अर्चन किया। मां के जयकारे से वातावरण गूंजायमान हो जा रहा था। भारी भीड़ के बाद भी भक्त अपने बारी की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे थे। इस दौरान लोग मां की महिमा का बखान करते थक नहीं रहे थे।
उधर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित कई प्रमुख मंदिरों में सुविधाओं का अभाव होने से श्रद्घालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। नवरात्र में मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर पर श्रद्घालुओं का तांता लगा रहता है बावजूद प्रशासन की ओर से बेहतर व्यवस्था नहीं की जा सकी है। अमिला : कस्बा के कायस्थ टोला स्थित मां दुर्गा मंदिर, ठाकुरद्वारा परिसर स्थित मां काली मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। भक्तों ने विधि विधान से मां दुुर्गा के पांचवें स्वरुप स्कंदमाता की आराधना की। पिपरीडीह : कहिनौर स्थित मां वनदेवी धाम सहित विभिन्न दुुर्गा मंदिरों पर दूर दराज सहित पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया।