बारिश न होने से किसानों के चेहरे मुरझाने लगे हैं। बारिश के लक्षण दिखायी न देने से धान की फसल को लेकर किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। इसके बाद भी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया जा सका है।
बारिश न होने से क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में हाहाकार मचा हुआ है। धान की नर्सरी खेतों में दम तोड़ रही है। जिन किसानों ने किसी तरह रोपाई करा भी दिया है। सिंचाई के अभाव में सूख रही है। बिजली कटौती तथा लो बोल्टेज से निजी नलकूप भी शो पीस बनकर रह गए हैं। नर्सरी तथा रोपाई किए गए खेतों में दरारें पड़ गई है। क्षेत्र के पिपरीडीह, भार ओन्हाइच, रैकवारेडीह, अहिलाद, बबुआपुर, सरेजा ,कहिनौर, कुशमौर, पहाड़पुर, मंसड़ी, हासपुर पतिला, उस्मानपुर, मजखनी, फुलवरिया सहित विभिन्न इलाकों में धान की खेती की जाती है। धान की नर्सरी तैयार हो गई है, लेकिन मौसम अनुकूल न होने से धान की रोपाई में तेजी नहीं आ पा रही है। निजी संसाधनों से जिन खेतों में धान की रोपाई हुई है। वह भी सिंचाई के अभाव में मुरझा रही है। खेतों में बड़ी बड़ी दरारें पड़ गई है।
क्षेत्र के किसान हीरा राम,संजय,सिंह,नंदलाल मौर्य, बालचंद्र गुप्ता, सर्वजीत यादव, ओपी सिंह का कहना है कि धान की नर्सरी तैयार हो गई है, लेकिन मौसम अनुकूल न होने से रोपाई कार्य बाधित हो रहा है। बिजली कटौती तथा लो बोल्टेज से सिंचाई कार्य बाधित हो रहा है। पंपिगसेट से सिंचाई करने पर खेती की लागत बढ़ रही है।
किसान नेताओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
मऊ। बारिश न होने से जिले में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किसान नेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि रतनपुरा विद्युत उपकेंद्र, हलधरपुर, अरदौना में आठ माह से रखे गए पांच एमवीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर को अविलंब चालू किया जाए। नहरों में मानक के अनुरुप पानी छोड़ा जाए। राजकीय नलकूपों में आई खामी को तत्काल दुरुस्त किया जाए। समस्या का समाधान अविलंब नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों राकेश सिंह, आलोक सिंह, लक्ष्मी चौहान, क्षत्रपति सिंह, चंद्रबली राजभर, तिलेश्वर, दिलीप वर्मा, मिठाई लाल आदि शामिल रहे।