जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद और सदस्य लालमुनी यादव ने एक मामले की सुनवाई के बाद काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक की शाखा काठतरांव के प्रबंधक को परिवादी की परिपक्वता धनराशि के साथ ही दस हजार रुपया क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपया वाद खर्च देने का आदेश दिया है।
मामले के अनुसार मधुबन थाना क्षेत्र के गाईगवां काठतरांव गांव निवासी शारदा देवी पत्नी स्व.अवध बिहारी सिंह की ओर से जिला उपभोक्ता फोरम में एक परिवाद दाखिल किया गया । वादी का कथन था कि उसने काशी गोमती स ंयुक्त ग्रामीण बैंक की शाखा काठतरांव में 30 दिसंबर 2011 को डीआरसी के तहत 65000 रुपया जमा किया। बाद में पैसा जमा करने के ढाई वर्ष बाद जब वह अपने धन की वापसी के लिए बैंक गई तो पता चला कि बैंक में उसका कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। बैंक के शाखा प्रबंधक ने पैसा देने से इंकार कर दिया । इसके वाद वादी ने मुकदमा दाखिल अपनी परिपक्वता धनराशि के साथ ही क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग की । मामले में अधिवक्ता रंजीत कुमार यादव के तर्कों को सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम ने बैंक के शाखा प्रबंधक को आदेश दिया कि वह वादिनी को डीआरसी की धनराशि के साथ ही दस हजार रुपया क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपया वाद खर्च के रूप में भुगतान करें ।