हलधरपुर। दोहरीघाट से पंप कैनाल से संबद्ध रतनपुरा के कुशाडीह तथा छिछोर माइनर में अभी तक पानी न छोड़े जाने से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। सिंचाई के अभाव में फसल पीली पड़ रही है। लोगों ने आला अधिकारियों को अवगत कराया बावजूद माइनरों में पानी छोड़ा नहीं जा सका है।
दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध छिछोर तथा कुशाडीह माइनर से छिछोर, गहना, बड़ागांव, सेमराजपुर, मलपुर, बिलौझा, नसीराबाद, अइलख सहित विभिन्न गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल की सिंचाई की जाती है।
गेहूं की सिंचाई का पीक आवर में कुशाडीह तथा छिछोर माइनर में पानी न छोड़े जाने से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। सिंचाई के अभाव में फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। इस संबंध में किसान नेता नरेंद्र सिंह, सुरेश सिंह, भगवान सिंह का कहना है कि किसानों की जरूरत के समय माइनर में पानी ही नहीं आता है। पंपिगसेट से 120 से 140 रुपये प्रति घंटे की दर से सिंचाई करना सबके वश की बात नहीं है। माइनर में कब पानी छोड़ा जाएगा पता नहीं चल पा रहा है। इस बाबत सिंचाई विभाग के अवर अभियंता वंसराज का कहना है कि 18 दिसंबर से माइनरों में पानी छोड़ा जाएगा।