फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: नाबालिग को भगाने के मामले में 14 वर्ष की कठोर सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। विशेष जज पॉक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने 12 वर्षीय नाबालिग लड़की को शादी के लिए बहला फुसलाकर भागने के मामले में अभियुक्त को सुनवाई के बाद बुधवार को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे पॉक्सो एक्ट के तहत 14 वर्ष की कठोर कारावास की सजा के साथ ही 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड न देने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगा। वहीं जुर्माने का 15 हजार रुपया पीड़िता को देना होगा। मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है।
विज्ञापन

वादी मुकदमा की 12 वर्षीय नाबालिग लड़की को आरोपी 6 मई 2016 को शादी के आशय से उस समय बहला फुसलाकर भगा ले गया, जब वह पढ़ने के लिए गई हुई थी। पुलिस ने वादी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना के बाद दोहरीघाट के बेला कसैला कारुवीर गांव निवासी शंकर पुत्र राजकुमार के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने 7 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। विशेष जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी शंकर को नाबालिग को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भागने के मामले में दोषी पाया। उसे पाक्सो एक्ट के तहत 14 वर्ष की कठोर कारावास की सजा के साथ ही 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं नाबालिग को भगाने के मामले में 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। शादी के आशय से भगाने के मामले में 7 वर्ष की कठोर सजा की सजा के साथ ही 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें