मऊ। जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों के 14 हजार ग्रामीणों को जल्द ही घरौनी अधिकार पत्र मिल जाएगा। भारतीय सर्वेक्षण विभाग देहरादून और जिला प्रशासन के ड्रोन सर्वेक्षण के जरिये घरौनी तैयार करने का काम पूरा कर लिया गया है।
घरौनी अधिकार पत्र मिलने से गांवों में संपत्ति बंटवारे का विवाद समाप्त होने की उम्मीद हैं। इससे सिविल कोर्ट में दायर वादों के निस्तारण में भी मदद मिलेगी।
जिले के दोहरीघाट, कोपागंज, घोसी, बडरॉव, फतेहपुर मंडाव, रतनपुरा, मुहम्मदाबादगोहना, रानीपुर और परदहां ब्लाॅक के 645 ग्राम पंचायतों में घरौनी प्रपत्र तैयार करने का शासन से लक्ष्य मिला था।
शासन से जिला प्रशासन को स्वामित्व उत्तरप्रदेश योजना के तहत 43,709 घरौनी प्रपत्र तैयार करने का लक्ष्य मिला था। गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण के बाद हर घर की वास्तविक स्थिति और क्षेत्रफल का आकलन करके घरों का नक्शा निकाला गया। जिसके बाद जिला प्रशासन ने मिले लक्ष्य के सापेक्ष 1296 अधिक यानी 45,005 घरौनी प्रपत्र तैयार कर लिया है।
इनमें से अब तक 30,914 घरौनियों का वितरण कर दिया गया है। शेष बची 14 हजार 91 घरौनियों का भी वितरण जल्द कर दिया जाएगा। वहीं कुछ गांव नगरीय निकाय में आ गए हैं। घरौनी मिलने से स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को अधिकार पत्र मिल गया है। वहीं अब गांवों में राजस्व एवं संपत्ति बंटवारे संबंधी विवाद समाप्त हो जाएंगे।
ड्रोन सर्वेक्षण के बाद तैयार की गई घरौनी में ग्रामीणों को पिता, पति, पत्नी व बच्चों के नाम भी दर्ज करवाने की सुविधा दी गई है।