शासन की ओर से गत वर्ष प्रत्येक तीन माह पर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की ग्रेडिंग कराने का फरमान जारी किया गया था। आजमगढ़ सहित पूर्वांचल के कई जिलों के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की प्रगति शून्य है।
वहीं कई विद्यालयों की ग्रेडिंग निचले पायदान पर है। मंडल स्तर पर आई रिपोर्ट में मऊ जनपद के 14 राजकीय विद्यालयों की गुणवत्ता की ग्रेडिंग सी है। बलिया में भी दो विद्यालय ए ग्रेड में जब कि बाकी बी और सी ग्रेड में ही शामिल हैं।
शासन ने मंडल के 59 राजकीय विद्यालयों को चिह्नित कर उनमें ग्रेडिंग कराकर उनकी गुणवत्ता का निर्देश दिया था। इसके लिए मंडल के नोडल अधिकारी के रूप में संयुक्त शिक्षा निदेशक नियुक्त किया गया था। शिक्षा निदेशक ने आजमगढ़ सहित पूर्वांचल के कई जनपदों के जिला विद्यालय निरीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
आजमगढ़ मंडल के विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए विभाग ने पिछले साल ऑनलाइन स्कूल मानीटरिंग एंड ग्रेडिंग मैनेजमेंट सिस्टम साफ्टवेयर विकसित किया। इसमें प्रत्येक स्कूल को हर माह फॉर्मेट के अनुसार एक दिन की सूचना अपलोड करनी थी और इसी आधार पर विद्यालयों की ग्रेडिंग होती।
इस पर नजर रखने के लिए शासन ने संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ मंडल को नोडल अधिकारी नामित किया था। लेकिन पूर्वांचल के कई जिलों मेें ग्रेडिंग का कार्य जैसे तैसे चल रहा है। अधिकांश विद्यालयों की ग्रेडिंग न्यूनतम स्तर पर चली गई है।
विद्यालयों के ग्रेड को ऊपर उठाने के लिए कोई प्रभावी कार्ययोजना तक तैयार नहीं की जा सकी है। शिक्षा निदेशक ने समीक्षा में तमाम अनियमितता पाई हैं। अपूर्ण ग्रेडिंग मिलने पर आजमगढ़, मिर्जापुर, गाजीपुर के जिला विद्यालय निरीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसके अलावा प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर स्कूलों के ग्रेड को ऊपर उठाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षकों को फरमान जारी किया गया है। अधिकारियों की मानें तो कई राजकीय माध्यमिक विद्यालयों का भवन हैंडओवर नहीं हो पाया है, रंगाई पुताई नहीं होना, शिक्षकों का पद रिक्त आदि के चलते ग्रेडिंग निचले स्तर पर है।