मऊ। वित्तीय वर्ष बीतने में 14 दिन शेष हैं, लेकिन अभी तक ‘एमनेस्टी’ योजना के तहत 133 कारोबारियों ने मात्र 73.80 लाख रुपया बकाया टैक्स जमा किया है। जबकि जिले के लगभग जनपद के 445 कारोबारियों का टैक्स बकाया है। निर्धारित समय सीमा तक जमा न होने की स्थिति में व्यापारियों को योजना से वंचित होना पड़ेगा।
शुरुआती सालों में रिटर्न दाखिल करने में हुई गलतियों को माफ करने के लिए विभाग की तरफ से एमनेस्टी योजना चलाई जा रही है। गलतियों के साथ ब्याज और अर्थदंड भी माफ होगा। इस योजना में जनपद के 578 कारोबारी हैं। जिनपर 10.18 करोड़ का टैक्स बकाया है। जिनपर 10.24 करोड़ ब्याज और 1.67 करोड़ का अर्थदंड लगाया गया है। अब कारोबारियों को 31 मार्च तक महज टैक्स जमा करना होगा। हालांकि इसके बाद कारोबारियों को ब्याज और अर्थदंड की माफी का लाभ नहीं मिलेगा।
राज्यकर विभाग की ओर से जीएसटी लागू होने के बाद वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में दाखिल किए गए रिटर्न में कारोबारियों से गलतियां हुई थी। इन तीन वित्तीय वर्ष में व्यापारियों को कर पर लगे ब्याज और अर्थदंड से राहत देने के लिए राज्य कर विभाग से एमनेस्टी योजना लागू की गई है। योजना के दायरे में जिले के 578 व्यापारी आएंगे। जिन पर टैक्स के रूप में 10.18 करोड़ है, जबकि ब्याज 10.24 करोड़ और अर्थदंड कुल 1.67 करोड़ है।
अगर व्यापारी 31 मार्च तक टैक्स जमा करने पर ब्याज और अर्थदंड नही जमा करना होगा। इसके लिए एसपीएल-02 फाइल कराना होगा। अब तक लगभग 133 कारोबारियों ने मात्र 73.80 लाख रुपये ही जमा कराया है। विभाग संबंधित व्यापारियों को ई-मेल और नोटिस जारी किया था।
जिले के 578 कारोबारियों पर टैक्स के रूप में 10.18 करोड़, ब्याज 10.24 करोड़ और अर्थदंड 1.67 करोड़ बकाया है। अब तक एमनेस्टी योजना के तहत लगभग 133 कारोबारियों ने 73.80 लाख रुपये जमा किए हैं। योजना का लाभ लेने के लिए 31 मार्च तक आवेदन करने का समय दिया गया है। - विकास सागर, डिप्टी कमिश्नर, राज्य कर विभाग