मऊ। उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ एटक के पदाधिकारियों की बैठक शुक्रवार को नगर के सहादतपुरा हाइडिल कालोनी के प्रांगण स्थित शिव मंदिर परिसर में हुई।
उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ (एटक) के पूर्वांचल महामंत्री सूर्यदेव पांडेय ने कहा कि बेरोजगारी का लाभ उठा कर विद्युत प्रबंधन द्वारा संविदाकर्मियों का आर्थिक शोषण बेरोकटोक जारी है। स्थानीय विद्युत प्रबंधन की लचर कार्यप्रणाली के कारण शीर्ष ऊर्जा निगम प्रबंधन के लगभग 30 आदेशों के बावजूद विद्युत उद्योग मे संविदा कर्मियों का आर्थिक एवं सामाजिक शोषण रुक नहीं रहा है। अपवाद स्वरूप कुछ बिजलीघरों को छोड़कर अधिकांश बिजलीघरों पर कार्य करने के बावजूद कई माह से उनके वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। जो पूर्व से भुगतान हो रहा है। वह मनमाने ढंग से 2000 या 3000 रुपये अनियमित रूप से आरटीजीएस के बजाय नगद किया जा रहा है। जिससे संविदा कर्मियों की समस्याएं दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। शासन एवं निगम आदेश के विपरीत जिले में विद्युत उद्योग के संविदाकर्मियों को न्यूनतम वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। न तो ईपीएफ कटौती की धनराशि संविदाकर्मियों के खाते मे जमा नहीं किया जा रहा है। अंत मे सर्वसम्मति से 13 दिसंबर को जनपद मुख्यालय पर स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना देने का निर्णय लिया गया। बैठक में विजयकांत सिंह, देवेंद्र यादव, इसरारूल हक, रामचंदर पाल, रामअवध यादव, छोटेलाल, हेमंत, अर्जुन भारती, सुग्रीव कुमार मौर्या, हरिशंकर, देवानंद, विजयी राम आदि रहे।