मऊ। ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से बचाव के लिए की गई व्यवस्था नाकाफी है। इस दौरान जिला अस्पताल, रैन बसरा से लेकर अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कड़ाके की ठंड में अलाव जलता नजर नहीं आया। गरीबों के आश्रय के लिए तैयार किए गए रैन बसेरों में अलाव के साथ अन्य अपेक्षित संसाधनों का अभाव है। मंगलवार को जिले का न्यूनतम तापमान 10 डिग्रीसेंट रहा। लेकिन एक भी स्थान पर अलाव नहीं जलाया गया।
जिला मुख्यालय पर यूं तो चार रैन बसेरे हैं। लेकिन इनमें दो तो ऐसे हैं जिनमें गरीबों को रात गुजर कर सकने योग्य सुविधाएं नहीं हैं। इसमें तीन रैन बसेरा नगरपालिका की तरफ से तो एक सदर अस्पताल का है। सहादतपुरा टैक्सी स्टैंड के पास बने रैन बसेरे में गद्दा आदि रखा है। लेकिन इसके सामने अलाव नहीं जलाया गया है। सहादतपुरा के एसबीआई मेन ब्रांच के सामने सड़क के किनारे नाले पर बनाए गए अस्थाई रैन बसेरे का छत कटरैन का है, साथ ही छत काफी नीचे है, इसके चलते पर्दा भी हवा रोकने में ना काफी है। यहां भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिला अस्पताल के इनडोर के सामने भी एक रैन बसेरा नगरपालिका ने बनवा रखा है। लेकिन पानी की व्यवस्था न होने से यह उपयोग में लाने लायक नहीं है। इस रैन बसेरे के बने चौड़े चैनल रुपी गेट से हवा आती रहती है। साथ ही यहां भी प्रशासन की तरफ से अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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रैन बसेरों में गरीबों बेसहाराओं के लिए अपेक्षित सुविधाएं बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। सभी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने का प्रयास किया जा रहा है।
-आशीष ओझा ईओ नगरपालिका