मऊ। मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली पुलिस द्वारा आंगनबाड़ी संघ के जिलाध्यक्ष के पुत्र को उठाए जाने के मामले में मंगलवार को कार्यकर्ताओं ने हंगामा तो काटा ही। दूसरे दिन बुधवार को कोतवाली पहुंचकर पुलिस से पूछा कि आखिर जिलाध्यक्ष शैलकुमारी के बीमार बच्चे का कसूर क्या था, जो पुलिस उसे उठाकर थाने लाई। इस दौरान पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि आंगनबाड़ी संघ मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने वाली थी, इसके चलते ऐेसा करना पड़ा।
आंगनबाड़ी संघ की जिलाध्यक्ष शैल कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस का उत्तर सुनकर वो दंग हैं, बोली हम सोचने के लिए मजबूर है कि हमारी पुलिस स्वतंत्र भारत देश की है, या फिर ब्रिटिश हुकुमत वाली। बोली उनका पुत्र कृष्णानंद उर्फ गोलू बीमार है, इसके बाद भी मंगलवार को कोतवाली के दरोगा अजय कुमार तिवारी, उसके पुत्र को घर से बिना किसी कारण के पकड़कर थाने लाए, और जमीन पर बैठा दिए। पुलिस की इस हरकत से उनका बेटा दहशत में आ गया। जिसके कारण उसकी बीमारी और बढ़ गई है। बीमार बच्चे को माता पिता की अनुपस्थिति में थाने लाने के सवाल पर पुलिस के पास कोई जवाब नहीं था। ऐसा करके पुलिस आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को डराया जा रहा है। धारा 144 तहत फंसाकर चालान करने जैसी धमकी भी दी गई। इससे महिलाओं में भय का माहौल बना हुआ है।
महिलाओं के सवाल पर मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली पुलिस ने बताया कि उन्हें ऐसी सूचना मिली कि जिलाध्यक्ष शैलकुमारी सिंह मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने वाली हैं, इसलिए पुलिस उनकी तलाश में उनके घर पहुंची। लेकिन वो नहीं मिली। इस पर उनके पुत्र को थाने लाया गया। ताकि पुत्र की तलाश करते हुए वो थाने आए। बुधवार को थाने पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में संघ की प्रांतीय उपाध्यक्ष किताबुन्निशा, मंडल अध्यक्ष लीला शर्मा, जिला मंत्री बीना राय, जिलाध्यक्ष शैलकुमारी सिंह ब्लॉक अध्यक्ष जयंती, इशरत जहां, उर्मिला भारती, आशा यादव, आशा राय, अफसाना, रिसालत ,अंजुम परवीन, संगीता शर्मा ,साइना, प्रमिला, माधुरी गिरी, सरिता कुशवाहा आदि सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां उपस्थित रहीं।