मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति परखने के लिए प्रशासनिक अधिकारी अब स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसके लिए तहसीलों के एसडीएम, बीडीओ तथा नगरपालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक अधिकारी पांच-पांच विद्यालयों का निरीक्षण कर 15 निर्धारित बिंदुओं पर रिपोर्ट बीएसए को सौंपेंगे। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने यह व्यवस्था लागू की है। जिले में वर्तमान में 1,208 परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.25 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालयों में व्यवस्थाओं को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद शासन ने स्कूलों की कमियों को दूर करने और जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन ने तहसीलवार और ब्लॉकवार अधिकारियों की टीम गठित की है। नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिकारी भी अभियान में शामिल रहेंगे। गठित टीमें अलग-अलग विद्यालयों में पहुंचकर उपलब्ध सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत जांचेंगी। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शिक्षकों के स्वीकृत पद, वर्तमान तैनाती और विद्यार्थियों की संख्या के सापेक्ष उपस्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी।
अधिकारियों की टीम विद्यालयों में जलभराव की स्थिति की भी जांच करेगी। इसके साथ ही शासन की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और बच्चों को मिल रही सुविधाओं की भी पड़ताल होगी। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को रिपोर्ट में दर्ज किया जाएगा। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जिन विद्यालयों में व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप नहीं मिलेंगी, वहां सुधार के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों में पाई जाने वाली कमियों को दूर कर सुविधाओं को बेहतर और व्यवस्थित कराया जाएगा। -संतोष कुमार उपाध्याय, बीएसए