स्थानीय रेलवे स्टेशन से होकर 12 से अधिक एक्सप्रेस ट्रेन गुजरती हैं। दो एक्सप्रेस ट्रेनें ही रुकती है। इससे क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय या दूसरे जनपद जाना पड़ता है।
सामाजिक कार्यकर्ता निसार अहमद ने बताया कि व्यापारियों ने दौरे पर आए विभागीय अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपा गया लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। स्थानीय रेलवे स्टेशन से तीन जिले के 150 से अधिक गांवों के लोग महानगरों की ओर यात्रा करते हैं।
इसके बावजूद यहां सुविधाओं और प्रमुख ट्रेनों के ठहराव का अभाव बना हुआ है। इस रेल मार्ग पर केवल उत्सर्ग एक्सप्रेस ट्रेन और इंटरसिटी ट्रेन का ही ठहराव है, जबकि किसी भी प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं है।
सीमित ट्रेनों के ठहराव के कारण यात्रियों, खासकर विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस मौके पर नागेंद्र सिंह, अतुल कुमार सिंह मौजूद रहे। संवाद