कोपागंज। इंदारा-दोहरीघाट रेलखंड पर आमान परिवर्तन का कार्य जोर शोर से चल रहा है। क्षेत्र के लोगों में बड़ी लाइन बनने की आस जगी है। रेलवे पर बने पुराने पुलियों को तोड़ कर इन्हें नया बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। उत्साहित ग्रामीण इसे देखने पहुंच रहे।
लगभग बीस वर्ष पूर्व वाराणसी, मऊ, भटनी, छपरा मऊ शाहगंज की मीटर गेज को ब्राडगेज में बदल दिया गया। इन पर लंबी दूरी की ट्रेनें भी चलने लगीं लेकिन इंदारा-दोहरीघाट रेल मार्ग उपेक्षित रह गया। दर्जन भर आंदोलनों के बाद भाजपा सरकार के आने पर लोगों को आस जगी। रेल बजट में इस रेलमार्ग के आमान परिवर्तन की स्वीकृति मिली। इंदारा से दोहरीघाट तक 35 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग के लिए 165 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। लोगों की उम्मीदों को उस समय पंख लगा, जब 20 अक्तूबर 2016 को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा जंक्शन पर आमान परिवर्तन की आधारशिला रखी। दो वर्ष वितने के बाद भी काम शुरू न होने से क्षेत्र के लोग निराश होने लगे लेकिन 29 दिसंबर 2018 को इस रेलखंड पर कार्य शुरू होने से लोगों में हर्ष की लहर दौड़ गई।
कोपागंज रेलवे स्टेशन के आसपास के छोटे छोटे पुलियों को तोड़ नया पुलिया बनाने का कार्य जोर शोर से चल रहा है। पुराने पुलियों के अवशेषों पर सन 1902 लिखे होने के कोपागंज स्टेशन की प्राचीनता का पता चल रहा है। जोर शोर से हो रहे कार्य को देख लोगो में शीघ्र ही बड़ी लाइन की सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। इसी वजह से हो रहे कार्य को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ लग रही है।