मऊ। अध्यापक पात्रता परीक्षा 2018 (यूपीटीईटी) रविवार को जिले के 45 परीक्षा केंद्रों पर सीसी कैमरे की निगरानी में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई। परीक्षा को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पूर्व गेट पर ही तलाशी ली गई। परीक्षा में 29858 के सापेक्ष 27946 अभ्यर्थी शामिल हुए। जबकि 2112 ने परीक्षा छोड़ दी। कई परीक्षा केंद्रों पर बीएड और बीटीसी का मूल प्रमाण पत्र या प्रमाणित प्रति न लाने के कारण सैकड़ों अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा। नाराज अभ्यर्थियों ने फतहपुर मंडाव गर्ल्स इंटरमीडिएट कालेज की तरफ से आ रहे उपजिलाधिकारी निरंकार सिंह का वाहन रोककर शिकायत दर्ज कराई। लेकिन एसडीएम ने नियम के तहत ही प्रवेश की बात कही। वहीं, प्रथम पाली में मुहम्मदाबादगोहना स्थित संत गणिनाथ महाविद्यालय में बीएड के 20 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रश्नपत्र भी दे दिया गया, लेकिन परीक्षा देने से मना कर दिया। परीक्षा संपन्न होने के बाद सभी अभ्यर्थियों को छोड़ा गया। नाराज अभ्यर्थियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा पूर्वाह्न 10 बजे से 12.30 बजे तक हुई। परीक्षा को पंजीकृत 20652 के सापेक्ष 19365 अभ्यर्थी शामिल हुए। दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा अपराह्न तीन बजे से शुरू हुई। दूसरी पाली में 9206 के सापेक्ष 8581 अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर शिक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन से एक-एक पर्यवेक्षक की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा डायट प्राचार्य के नेतृत्व में सचल दस्ता भ्रमण कर परीक्षा का जायजा ले रहे थे।
प्रथम पाली में मुहम्मदाबादगोहना स्थित संत गणिनाथ महाविद्यालय में बीएड के 20 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश तो दिया गया, अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र भी दे दिया गया, लेकिन परीक्षा देने से मना कर दिया। परीक्षा संपन्न होने के बाद सभी अभ्यर्थियों को छोड़ा गया। अभ्यर्थी कंचनलता सिंह का कहना था कि बीएड चतुुर्थ सेमेस्टर का प्रमाण पत्र था, लेकिन हमारे साथ 20 अभ्यर्थियों को परीक्षा नहीं देने दिया गया। वहीं, डीएवी इंटर कालेज में बीएड, बीटीसी के काफी संख्या में अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा।
मधुबन : फतहपुर मंडाव गर्ल्स इंटरमीडिएट कालेज पर बीटीसी तथा बीएड के कुछ अभ्यर्थियों द्वारा मूल प्रमाण पत्र या दस्तावेज न लाने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश से रोक दिया गया। अभ्यर्थियों का कहना था कि नेट पर प्रवेश पत्र जारी किया गया है। उन्होंने उपजिलाधिकारी निरंकार सिंह के वाहन को रोककर शिकायत दर्ज कराया। उपजिलाधिकारी ने नियम के तहत ही प्रवेश देने की बात कही। अंत में अभ्यर्थियों को बैरंग लौटना पड़ा।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. केसी भारती ने बताया कि बीएड और बीटीसी का मूल प्रमाण पत्र या प्रमाणित प्रति न लाने के कारण परीक्षा नहीं देने दिया गया।
नहीं लगा था कैमरा के साथ वायस रिकार्डिंग सिस्टम
मऊ। टीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए गई दोहरीघाट बाजार निवासी कंचनलता सिंह ने बताया कि संत गणिनाथ राजकीय महाविद्यालय में जिस कमरे में परीक्षा ली जारही थी उसमें वायस रिकार्डर सिस्टम नहीं लगा था।
माथापच्ची करते रहे अभ्यर्थी
मऊ।टीईटी परीक्षा संपन्न होने के बाद अभ्यर्थी एक दूसरे से अपने प्रश्नों का मिलान करते देखे गए। गणित तथा संस्कृत के सवाल थोड़ा कठिन होने से अभ्यर्थियों को माथापच्ची करनी पड़ी।टीईटी प्राथमिक संवर्ग के अभ्यर्थी ओमनाथ मिश्र ने बताया कि गणित तथा संस्कृत का प्रश्न थोड़ा कठिन था। अंग्रेजी का प्रश्न सरल रहा। इसी तरह सोनीधापा इंटर कालेज से परीक्षा दे रहे छात्र पंकज कुमार, मनोज यादव ने बताया कि पेपर अच्छा हुआ है।